नहीं रहे राजनीति के "कैलाश"


भोपाल। भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी का रविवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। पिछले महीने ही कैलाश जोशी की तबीयत बिगड़ गई थी। कैलाश जोशी को भोपाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। उस समय पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह उन्हे अस्पताल देखने पहुंचे थे। इससे पहले भी जोशी की तबीयत बिगड़ने की खबर आई थी। उन्हें शुगर बढ़ने के चलते उन्हें परेशानी बढ़ गई थी। अप्रैल में उन्हें निमोनिया हो गया था।कैलाश जोशी का जन्म 14 जुलाई 1929 को हुआ था। सन 1955 में कैलाश जोशी हाटपीपल्या नगरपालिका के अध्यक्ष चुने गए। सन् 1962 से निरन्तर बागली क्षेत्र से विधान सभा के सदस्य रहे। सन 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना से ही उसके सदस्य बने। आपातकाल के समय एक माह भूमिगत रहने के बाद 28 जुलाई 1975 को विधानसभा के द्वार पर गिरफ्तार होकर 19 माह तक मीसा में नजरबंद रहे। 24 जून 1977 को कैलाश जोशी मध्यप्रदेश के इतिहास में पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री हुए। हालांकि 1978 में अस्वस्थता के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री पद त्याग दिया था।


सोमवार को होगा अंतिम संस्कार


जोशी का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए बीजेपी कार्यालय भोपाल में आज रखा जाएगा। अंतिम संस्कार गृह नगर देवास के हाटपिपल्या में सोमवार को होगा।


मुख्यमंत्री ने जताया आभार :


मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जोशी के निधन पर गहरा शोक जताया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के दुःखद निधन का समाचार मिला। मृदभाषी, सरल, सहज व्यक्तित्व के धनी कैलाश जी का निधन राजनीति क्षेत्र की एक अपूरणीय क्षति है, परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएँ। ईश्वर उन्हे अपने श्रीचरणो मेंं स्थान व पीछे परिजनो को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। 


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