अफवाह के नाम पर देश की ब्लैकमेलिंग कब तक


भोपाल। नागरिकता कानून को लेकर देश में कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। सरकार के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार करने के लिए और इस विरोध का राजनीतिक फायदा लेने के लिए लोग सड़कों पर उतरे हैं। देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन की वजह से आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ। शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता ओमिता पार्थो दास ने सवाल उठाया है कि सड़कें जाम हो रहीं, कई मेट्रो ट्रेन के स्टेशन को बंद कर दिया गया। देश के नागरिकों को संविधान ने विरोध प्रदर्शन का अधिकार दिया है लेकिन विरोध शांतिपूर्ण रहे इस बात का ख्याल रखना प्रदर्शनकारियों का दायित्व है। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन के नाम पर सभी सीमाओं को तोड़ दिया। ओमिता पार्थो दास ने कहा कि पटना में एंबुलेंस में आग लगी दी। यूपी के संभल में प्रदर्शनकारियों ने बस फूंक दी। अहमदाबाद में पुलिस पर पथराव किया गया। दिल्ली में प्रदर्शन की वजह से कई इलाकों में सड़कें बंद रहीं जिससे लोग जाम में फंसे रहे इसके अलावा हंगामे की वजह से दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशनों को बंद करना पड़ा और कई इलाकों में इंटरनेट को बंद करना पड़ा। ऐसे में ये सवाल उठता है अफवाह के नाम पर देश की ब्लैकमेलिंग कब तक।


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