प्लाट बेचने के नाम पर की धोखाधड़ी, अब नहीं लौटा रहा राशि

मदन सिंह चौहान की गाढ़ी कमाई के साढ़े चार लाख डूबे, एसपी से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत, नहीं मिल रहा न्याय


भोपाल। प्रदेश सरकार ने अतिक्रमण के विरूद्ध भले ही अभियान छेड़ रखा हो पर अभी भी राज्य के विभिन्न जिलों में भूमि बेंचने के नाम पर की जाने वाली धोखाधड़ी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसा ही एक मामला सीहोर जिले की बुधनी तहसील के सामने आया है जहां प्लाट खरीदने के नाम पर मदन सिंह चौहान की साढ़े चार लाख की गाढ़ी कमाई डूब गई है। मदन को अब न प्लाट मिल रहा, न दी गई राशि वापस मिल रही है। 
                         इस सम्बंध में मिली जानकारी के अनुसार सीहोर जिले के बुधनी तहसील के ग्राम सत्रामऊ मदन सिंह चौहान ने        सुखीसेवनियाँ ओमकारा जिला भोपाल निवासी खूबचंद कुशवाहा को प्लॉट खरीदने के नाम पर 4 लाख 50 हजार की राशि दी। मदन सिंह चौहान ने उक्त राशि चार गवाहों बलराम सिंह चौहान, जितेंद्र सिंह चौहान, राजकुमार सिंह चौहान एवं गिरिजाशंकर दुबे के मौजूदगी में दी है। राशि मिलने के बाद से खूबचंद कुशवाहा की नियति खराब हो गई है। अब वह न राशि लौटा रहा न मदन सिंह को  प्लॉट दे रहा है। अपनी गाढ़ी कमाई डूबते देख मदन सिंह चौहान ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एमी नगर से लेकर मुख्यमंत्री तक हर जगह अपनी फरियाद दर्ज कराई पर अभी तक न उनकी राशि वापस मिली है न उनको प्लॉट मिला है। 


फरियादी को  ही परेशान कर रही पुलिस


इस मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि मदन सिंह चौहान ने 7 अगस्त 19 को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एमपी नगर एवं पुलिस अधीक्षक दक्षिण तथा 16 अक्टूबर 19 को गृह मंत्री को एक आवेदन देकर अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत की थी। इसके बाद भी पुलिस अपराधी को पकड़ने की जगह फरियादी को यह कहकर परेशान कर रही है कि लेनदेन के सबूत इकट्ठा कर उनके पास पहुंचाए। प्रदेश की पुलिस किसी परेशानी में फरियादी के साथ किस तरह सलूक करती है यह इस बात का प्रमाण है। 


गृहमंत्री के आदेश भी दरकिनार 



मदन सिंह के आवेदन पर गृहमंत्री बाला बच्चन के ओसडी संजय सिंह ने 16 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक दक्षिण भोपाल को पत्र लिखकर खूबचंद कुशवाहा के खिलाफ मामला दर्ज कर दण्डात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए थे पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जब गृहमंत्री के आदेश पर पुलिस अमल नहीं करती तो अन्य शिकायत पर क्या कार्रवाई करती होगी यह अंदाजा लगाया जा सकता है। 


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