1008 घरों में सुंदरकांड के पाठ का आयोजन आज


-प्रदेश के साथ अन्य राज्यों में होगा आयोजन
भोपाल। राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहां विश्राम। सुंदर काण्ड में हनुमान जी द्वारा कही गयी यह पंक्ति आज हमें अपने देश के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित कर रही है। हम चाहते हैं जिस प्रकार हनुमान जी ने माता सीता की खोज की थी वैसे हम भी इस कोरोना महामारी से लडऩे की शक्ति और औषधि का ज्ञान प्राप्त करें। हमारा शरीर सुंदर हो, मन सुंदर हो, परस्पर विचार सुंदर हो, कार्य सुंदर हो, उद्देश्य सुंदर हो। ऐसे सभी सुंदर, सकारात्मक  लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सुंदर कांड के पाठ/साधना से बेहतर और क्या उपाय हो सकता है। इसी उद्देश्य से शनिवार के दिन सायं 6.30 से आप सभी के सहयोग से अष्टोत्तर शत सुंदर कांड पाठ के आयोजन का शिव संकल्प लिया गया है। इन्ही विचारों से प्रेरित होकर समाज के हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका रखने वाली नव उद्भव संस्था की अध्यक्ष रोहिणी शर्मा ने यह संकल्प लिया और उस संकल्प के माध्यम से समाज के हर व्यक्ति को जोडऩे का एक सार्थक प्रयास किया। इनके द्वारा किया जा रहा यह प्रयोग अब भोपाल तक सीमित नहीं रहा। लोगों ने जुड़कर इसे 108 से 1008 तक के संकल्प तक पहुंचाने का विचार कर लिया  है। आज हजार से भी अधिक सदस्य इस संकल्प से जुड़ चुके हैं। सभी उत्साह से इस श्रृंखला को बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। उक्त जानकारी देते हुए रोहिणी शर्मा ने बताया कि प्रदेश ही नहीं अन्य प्रदेशों में भी उनके इस आह्वान को मान्यता मिल चुकी है। राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र आदि में भी निश्चित समय पर सुंदरकांड के पाठ का आयोजन संपादित किया जाएगा।


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