केंद्रीय मंत्री तोमर ने किया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण की बेस्ट प्रेक्टिसेस पर पुस्तक का विमोचन


नई दिल्ली। केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने निर्माण भवन, नई दिल्ली में डिजीटल इंडिया ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूसंसाधन विभाग द्वारा प्रकाशित भू-अभिलेख आधुनिकीकरण की बेस्ट प्रेक्टिसेस पर पुस्तक का विमोचन किया।
डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ अभ्यासों पर क्षेत्रीय और राष्ट्रीय कार्यशालाओं के दौरान राज्यों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा यह पुस्तिका जारी की गई है। इस प्रकाशन में राष्ट्रीय नीति फ्रेमवर्क में भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण और नौ स्टडी राज्यों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और राजस्थान में किए गए अच्छे अभ्यासों की सूची दी गई है। इसमें विभिन्न प्रक्रियाओं जैसे रजिस्ट्रीकरण, नामांतरण, सर्वेक्षण, निपटान, भूमि अधिग्रहण, तकनीकी पहलें और विधिक तथा संस्थागत अवधारणा के कार्यान्वयन में त्रुटियों को भी कवर किया गया है। इसके आरंभ से ही डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत पर्याप्त प्रगति हुई है।

अच्छी भूमि अभिलेख प्रणाली प्रगतिशील समाज के लिए आवश्यक : तोमर

इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि एक अच्छी भूमि अभिलेख प्रणाली किसी भी मैत्रीपूर्ण और प्रगतिशील समाज के लिए आवश्यक है। भारत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान त्रुटि रहित, छेड़छाड़ रहित और सहजता से उपलब्ध भूमि अभिलेख केंद्र में रहा है।
यह पुस्तक विभिन्न सर्वोत्तम अभ्यासों का संकलन है, जो डीआईएलआरएमपी के कार्यान्वयन संबंधी विभिन्न मुद्दों, चुनौतियों और खतरों का समाधान करने पर जोर देती है। इस पुस्तक में बेहतर भूमि अभिलेख प्रबंधन के लिए राज्यों द्वारा अपनाए गए तंत्र के बारे में बहुत ही वैज्ञानिक रूप से चर्चा की गई है। तोमर ने कहा कि
यह पुस्तक अधिक व्यापक वास्तविक समझ को प्राप्त करने के लिए नए अभ्यासों को अपनाने में नवोन्मेष क्षेत्रों की पहचान के लिए उपयोगी इनपुट प्रदान करेंगी तथा अन्य राज्यों की सहायता करेंगी। यह अंततः देश में भूमि शासन प्रणाली, भूमि विवादों में कमी, बेनामी लेन-देन की रोकथान और व्यापक एकीकृत भूमि सूचना प्रबंधन प्रणाली में सुधार करेगी।



ऐसे पहुंच रहा फायदा 

-23 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों का कम्प्यूटरीकरण 90 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है और 11 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में पर्याप्त प्रगति हुई है।
-भूकर मानचित्रों का डिजिटलीकरण 19 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में 90 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है और 9 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में पर्याप्त प्रगति प्राप्त की गई है।
-रजिस्ट्रीकरण का कम्प्यूटरीकरण (एसआरओ) 22 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में 90 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है और 8 राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों में पर्याप्त प्रगति प्राप्त की गई है।
-राजस्व कार्यालय के साथ एसआरओ का एकीकरण 16 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में 90 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है और 8 राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों में पर्याप्त प्रगति प्राप्त की गई है।


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