राम मंदिर भूमिपूजन समारोह में मप्र से उमा भारती और पवैया होंगे मेहमान


भोपाल । 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में दो मेहमान मध्य प्रदेश के भी होंगे। ये नाम होंगे राम मंदिर आंदोलन से जुड़े दो नेता उमा भारती और जयभान सिंह पवैया। खबर है कि अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में होने जा रहे इस अनुष्ठान के दौरान देश भर से 200 लोगों को न्यौता भेजा जा रहा है।
5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। पूरी अयोध्या को दीपावली की तरह सजाने की तैयारी है। मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए नेताओं के लिए यह दिन खास है।लिहाजा मंदिर के भूमि पूजन के दौरान मौजूद रहने वाले मेहमानों की लिस्ट भी अपने आप में खास होने जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राम मंदिर के भूमि पूजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा 200 चुनिंदा मेहमानों को आमंत्रित किया जा रहा है। 200 लोगों की सूची में जो 2 नाम मध्य प्रदेश से शामिल होना बताए जा रहे हैं उनमें पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जय भान सिंह पवैया शामिल हैं।


आंदोलन में भागीदारी


उमा भारती और जय भान सिंह पवैया उन नेताओं में शामिल हैं जो मंदिर आंदोलन से सीधे तौर पर जुड़े रहे। विवादित ढांचा गिराने के केस में दोनों आरोपी भी बनाए गए और कई साल तक इनकी कोर्ट में पेशी चलती रही। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है और भूमिपूजन की घड़ी पास आ गयी है तो भूमि पूजन के दौरान खास मेहमानों में मध्यप्रदेश के इन दो नामों को भी शामिल किया गया है।


क्या रहेगा भूमिपूजन का कार्यक्रम


राम मंदिर के भूमि पूजन अनुष्ठान में सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए कुछ खास लोगों को ही आमंत्रित किया जा रहा है। इसमें राम मंदिर आंदोलन से जुड़े भाजपा के कुछ शीर्ष नेता, विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उच्च पदस्थ लोग शामिल हैं। इसके अलावा अयोध्या की कुछ बड़े साधु संत और काशी और अयोध्या के वो धार्मिक और वैदिक विद्वान भी मौजूद रहेंगे जो पूरे भूमि पूजन अनुष्ठान कार्यक्रम को विधि-विधान पूर्वक पूर्ण कराएंगे। इसके लिए सप्तपुरियों समेत देश के प्रमुख धार्मिक स्थानों की मिट्टी, जल और पहाड़ों की मिट्टी मंगाई जा रही है। अयोध्या के राम मंदिर के लिए भूमि पूजन अनुष्ठान की पूजा वैदिक रीति रिवाज से रामानंदी परंपरा के अनुसार होगी। यह अनुष्ठान वैसे तो लगभग 5 से 6 घंटे चलेगा। लेकिन इसमें वह 2 घंटे बहुत महत्वपूर्ण होंगे, जिसमें खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। इसी के अनुसार पूरे भूमि पूजन कार्यक्रम को इस तरह आयोजित किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री जब अयोध्या राम जन्मभूमि परिसर पहुंचें तो उस समय मुख्य पूजा हो।


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