उफान पर नदियां व बांध, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त


भोपाल/इंदौर । पूर्वी मध्यप्रदेश में गुरुवार शाम से लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। इंदौर भोपाल जैसे महानगरों सहित पूर्वी मध्यप्रदेश के करीब 21 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश हो रही है। गौरतलब है कि केंद्रीय जल आयोग ने भी दो दिन पहले पूर्वी मध्यप्रदेश सहित चार राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ आने संबंधी चेतावनी जारी की थी। राजधानी भोपाल में लगातार भारी बारिश हो रही है। यहां शुक्रवार से शुरू हुई बारिश शनिवार शाम तक कभी तेज तो कभी रिमझिम होती रही। भोपाल में बीते 24 घंटे की बात की जाए तो 9 इंच के लगभग बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक इससे पहले राजधानी भोपाल में ऐसे बारिश 14 अग्स्त 2006 को हुई थी।
इधर, बड़ा तालाब लबालब भर जाने से पानी वीआईपी रोड पर बहने लगा है। वहीं शनिवार को सुबह पहले भदभदा डैम के एक-एककर दस गेट खोलने पड़ गए। इसके बाद कलियासोत डैम के दो गेट भी खोल गए दिए गए हैं। शहर में भारी बारिश का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि एक ही दिन में छह घंटे के अंदर दोनों बड़े डैम के गेट खोलने पड़ गए। राजधानी में 24 घंटे से जारी भारी बारिश के चलते भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब लबालब भर गया है। इस कारण सीजन में पहली बार भदभदा डैम के छह गेट और कलियासोत डैम के दो गेट खोल दिए गए हैं। बड़ा तालाब में लगातार आ रहे बैक वाटर और कोलांस नदी का पानी का दबाव लगातार बढऩे से पानी वीआईपी रोड पर बहने लगा है।


इंदौर में टूटा 39 साल का रिकॉर्ड


इंदौर में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के साथ ही 39 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। इंदौर में इस दौरान 10 इंच से कुछ ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर में बारिश का आंकड़ा अब औसत के करीब जा पहुंचा है। इंदौर में कई निचली बस्तियों में पानी भर चुका है। यशवंत सागर डेम पूरा भर चुका है, इसलिए इसके सभी गेट भी खोल दिए गए हैं। गौरतलब है इंदौर में औसत बारिश का आंकड़ा 34 इंच है।  इंदौर शहर की बात करें तो करीब 150 से अधिक स्थानों पर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। नगर निगम कमिश्वर के अनुसार निचली बस्तियों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है और नगर निगम की पूरी टीम सुरक्षा व बचाव कार्य में जुटी हुई है।


मौसम विभाग ने 21 जिलों को किया अलर्ट


गौरतलब है कि मौसम विभाग ने आगामी दो से तीन दिनों तक लगातार बारिश होने से संभावना जताई है। ऐसे में मौसम विभाग ने करीब 21 जिलों के लिए रेड, औरेंज और यलो अलर्ट भी जारी किया है। विभाग के मुताबिक 24 और 25 अगस्त के बारिश थम सकती है।


रेड अलर्ट: खरगौन, अलीराजपुर, झाबुआ रतलाम ज्यादा बारिश की चेतावनी
ऑरेंज अलर्ट : बुरहानपुर, बड़वानी, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, नीमच, मंदसौर


यलो अलर्ट: बैतूल, हरदा, होशंगाबाद, खंडवा, राजगढ़, सीहोर, भोपाल, रायसेन और विदिशा जिले के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।


रविवार को ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान


मौसम विभाग ने एक साथ 21 जिलों के लिए रेड, औरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। रविवार को ऐसा ही मौसम बना रहने का अनुमान है। 24 और 25 अगस्त के बाद से बारिश से कुछ राहत मिल सकती है। बारिश के बाद सीएम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर समीक्षा की। कलेक्टरों को छोटे-बांधों की देखभाल के लिए कहा गया है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण कंट्रोल रूम भी अलर्ट मोड में है।



ज्यादातर नदियां उफान पर


भोपाल और इंदौर के अलावा भी बारिश के चलते मध्यप्रदेश की ज्यादातर नदियां उफान पर हैं। तवा, बरगी, बाणसागर, बारना समेत भोपाल के भदभदा के गेट खोल दिए गए। मौसम वैज्ञानिक ममता यादव ने बताया कि शनिवार को भोपाल, उज्जैन, सागर, जबलपुर और ग्वालियर संभागों में भारी बारिश के आसार हैं।


बरगी के गेट खुलने से सीहोर में जलस्तर बढ़ा


जबलपुर में बरगी बांध के 13 गेट खुलने के कारण सीहोर में नर्मदा का जलस्तर बढ़कर 956.62 फीट हो गया है। हालांकि, अभी यह खतरे के निशान से 8 फीट नीचे है। प्रशासन ने तटीय 14 गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया है। पिछले 24 घंटे में रेहटी में 110 और सीहोर में 75 सेमी बारिश हुई है।


नदी में वाहन और उसका ड्राइवर बहा


रायसेन में बारना पुल पर पानी आने से जयपुर-जबलपुर हाइवे और कहूला पुल डूबने से भोपाल-सागर मार्ग बंद हो गया। तेंदोनी नदी में उफान से सिलवानी-उदयपुरा मार्ग बंद है। परासिया नदी में एक मैजिक वाहन और उसका ड्राइवर बह गया। ड्राइवर की तलाश की जा रही है।


नर्मदा का जलस्तर 8 फिट बढ़ा


होशंगाबाद में 2 इंच से ज्यादा बारिश हुई। 24 घंटे में नर्मदा का जलस्तर सेठानीघाट पर 8 फीट बढ़कर 955 फीट पहुंच गया। यह खतरे के निशान 967 फीट से 12 फीट नीचे है। तवा बांध का जलस्तर 1158 फीट हो गया। 1160 फीट पर जलस्तर आने पर बांध के गेट खोले जा सकते हैं। तवा नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।


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