महिला संबंधी अपराधों के निराकरण के लिए चलेगा विशेष अभियान


डीजीपी के निर्देश पर पॉस्‍को प्रकरणों के लंबित समंस, वारंट की तामीली भी होगी 


भोपाल। पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी ने समस्‍त जोनल अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक को निर्देशित किया है कि प्रदेश स्‍तर पर एक दिसंबर 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक महिला संबंधी अपराधों के निराकरण के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाएं। इस दौरान पॉस्‍को प्रकरणों के लंबित संमंस तथा वारंट की तामीली भी सुनिश्चित की जाए। इस विशेष अभियान के दौरान पॉस्‍को प्रकरणों के संमंस वारंटो की तामीली, बलात्‍संग, अनैतिक देह व्‍यापार एवं मानव दुर्व्‍यापार के प्रकरणों में धारा 299 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तथा 173(8) दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत विवेचनाधीन प्रकरणों और दो माह से अधिक अवधि के बलात्‍संग, अनैतिक देह व्‍यापार एवं मानव दुर्व्‍यापार के विवेचनाधीन प्रकरणों के निराकरण के निर्देश हैं।


अभियान के दौरान जोन के अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक अभियान की साप्‍ताहिक समीक्षा करेंगे। वे प्रभावी क्रियान्‍वयन के लिए आवश्‍यक दिशा निर्देश प्रसारित करेंगे। साप्‍ताहिक समीक्षा के दौरान उल्‍लेखनीय कार्यवाही करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों को पुरस्‍कृत तथा लापरवाही एवं प्रकरणों को अकारण लंबित रखने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।


अराजपत्रित पुलिस अधिकारियों को गोपनीय चरित्रावली उपलब्‍ध कराई जाएगी


मध्‍यप्रदेश पुलिस के अराजपत्रित पुलिस अधिकारियों जैसे सहायक उप निरीक्षक से निरीक्षक, एपीसी से कंपनी कमाण्‍डर तथा अनुसचिवीय संवर्ग की समस्‍त वार्षिक गोपनीय चरित्रावली लेखन पूर्ण होने के बाद स्‍वीकारकर्ता अधिकारी संबंधित को उपलब्‍ध कराएंगे। इस संबंध में पुलिस मुख्‍यालय द्वारा परिपत्र जारी किया गया है। इस संबंध में पूर्व में जारी परिपत्र के अंश '' संबंधित अराजपत्रित पुलिस अधिकारी/ कर्मचारी प्राप्‍त गोपनीय चरित्रावली पर किसी भी प्रकार का अभ्‍यावेदन प्रस्‍तुत नहीं करेंगे, जब तक कि पुलिस मुख्‍यालय से उन्‍हें कोई अंश प्रतिकूल मानकर संसूचित नहीं किया जाता है'' को भी विलोपित किया गया है। अब स्‍वीकारकर्ता अधिकारी को प्रतिवेदित अधिकारी से वार्षिक गोपनीय चरित्रावली की प्रति देकर दो पावती प्राप्‍त कर एक प्रति जिला/इकाई नस्‍ती तथा एक प्रति एसीआर प्रति के साथ ही पुलिस मुख्‍यालय(प्रशासन शाखा एसीआर सेल) में भेजनी होगी। प्रतिवेदित अधिकारी नियमानुसार निर्धारित अवधि में उन्‍हें की गयी टीप अथवा श्रेणी से असहमत होने की स्थिति में अभ्‍यावेदन प्रस्‍तुत कर सकेंगे।


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