बंदर ने आखिर क्यों किया कुत्ते के बच्चे का अपहरण, वजह जान हैरान रह जाएंगे आप ?

 

मानव तस्करी की जगह वन्यप्राणी द्वारा जानवर की तस्करी का पहला मामला

कुआलालंपुर, एजेंसी। आपको यह जानकर हैरानी होगी की अब वन्यप्राणी भी जानवरों का अपहरण करने लगे हैं। जबकि अभी तक हम पूरे विश्व में मानव तस्करी के बहुत से मामले देखते रहे हैं। पर मलेशिया देश में जनवर की तस्करी का एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसे देखकर वन्यप्राणी प्रेमी और विशेषज्ञ भी हैरान हैं। दरअसल मलेशिया प्रान्त में एक जंगली बंदर "लवकुश" ने "सारु" नाम के एक 15 दिन के कुत्ते के बच्चे का अपहरण कर लिया। यह घटना 16 सितंबर की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार बंदर ने कुत्ते के पिल्ले का अपहरण करने के बाद तीन दिन तक उसे लेकर एक पेड़ से दूसरे पेड़ भागता रहा। बड़ी मशक्कत से आखिरकार तीन दिन बाद लोगों ने पिल्ले को बंदर के चंगुल से छुटकारा दिलाया। दरअसल स्थानीय निवासियों ने अचानक एक पेड़ पर बंदर के साथ कुत्ते के पिल्ले को चढ़ा देखा। बंदर इस पिल्ले को अपनी छाती से चिपकाए हुए था। बंदर लवकुश, कुत्ते के पिल्ले सारु को उसकी मां के पास से लेकर भाग गया था। इसके बाद वह उसे लेकर जंगल चला गया, जहां पेड़ पर बच्चे को लेकर बैठा था। जब भी कोई पिल्ले को बंदर से अलग करने की कोशिश करता, बंदर आक्रोशित होकर दूसरे पेड़ पर भाग जाता।आखिरकार तीन दिन की कोशिश के बाद पिल्ले को बंदर के चंगुल से मुक्त करवाया गया।

बंदर ने सारु को नहीं पहुंचाया था कोई नुकसान 

स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर पिल्ले को अपनी छाती से चिपकाए रहता था। वो किसी को भी पिल्ले के नजदीक नहीं जाने दे रहा था। सारू को बंदर जब उठाकर ले गया था तब पिल्ले की मां वहां नहीं थी। इसी मौके का फायदा उठाकर बंदर दो हफ्ते के पिल्ले का अपहरण कर जंगल में भाग गया। हालांकि इन दौरान इन तीन दिनों में बंदर ने उस पिल्ले को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।  वो सारू को अपने दोस्त की तरह रख रहा था। वन्य प्राणियों ने इस घटना से आश्चर्य जताया है। 

चोर गैंग के सदस्य हैं बंदर

हालांकि मलेशिया के जिस हिस्से से ये घटना सामने आई, वहां के लोगों ने बताया कि इस एरिया के बंदर चोर गैंग के सदस्य हैं। पहले यह लोगों के घर से सामान चुराते थे, अब इस गैंग के बंदर लोगों के घरों से पालतू जानवर भी लेकर भाग रहे हैं। तीन दिन के बाद जब सारू को रेस्क्यू करवाया गया, तब तक पिल्ला काफी परेशान हो चुका था। बंदर एक से दूसरे डाल पर पिल्ले को लेकर उछल-कूद कर रहा था, इससे सारू परेशान हो गया। रेस्क्यू के बाद सारू को उसकी मां के पास छोड़ दिया गया है।



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