प्रदेश में कई स्थानों पर महिलाओं और नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटनाएं : राशिदा मुस्तफा

 


-महिला कांग्रेस ने पूछा सरकार से सवाल, क्या यही शिवराज का सुशासन है

भोपाल। पिछले तीन दिनों में मध्यप्रदेश के अनेक इलाकों में महिलाओं के दुष्कर्म के मामले सामने आने पर विपक्ष ने सरकार को कठघरे खड़ा करते हुए कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस इसे सरकार की विफलता बताते हुए आरोप लगाया है कि इससे ऐसे लगता है कि मध्यप्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। वहीं अपराधियों पर कोई अंकुश नहीं होने से वह निश्चिन्त होकर महिलाओं की आबरू लूट रहे हैं। जबकि जिन पर सुरक्षा का जिम्मा है वह प्रदेश सरकार के मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक सब के सब प्रदेश के उपचुनाव में व्यस्त हैं। प्रदेश की महिलाओं के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा कि खुद को उनका भाई बताने वाले मामा के राज में वही सुरक्षित नहीं है। 

मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना जायसवाल महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर लगातार आवाज उठा रही है, उसके बावजूद भी प्रदेश सरकार अपने कानो में तेल डाले बैठे हुई है। मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की उत्पीड़न निवारण समिति की प्रदेश प्रभारी राशिदा मुस्तफा ने आरोप लगाया कि एक तरफ  मध्यप्रदेश में लगातार दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ती जा रही है। वहीं दूसरी तरफ सरकार में शामिल नुमाइंदे भी सार्वजनिक रूप से जहां मुख्यमंत्री स्वयं मौजूद हो महिलाओं की अस्मिता से खिलवाड़ करने में परहेज नहीं करते। प्रदेश में हुई विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस  उत्पीड़न निवारण समिति की प्रदेश प्रभारी राशिदा मुस्तफा ने बताया कि आगर मालवा जिले में एक सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। बीती रात देहरिया सोयत गांव में एक 22 वर्षीय युवती को तीन युवक बबलू , कन्हैया आदि घर से उठाकर एक गुमटी में ले गए, जहां उन्होंने सामुहिक दुष्कर्म किया। पुलिस में मामला तो दर्ज हुआ है पर अभी तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी तरह सीधी में नाबालिग के साथ तीन वर्ष तक शादी का झांसा देकर उससे  दुष्कर्म का मामला सामने आया। ग्वालियर में छात्रा के साथ दुष्कर्म किया गया। वह  दीपावली की शाॅपिंग करने गई थी। मुरैना जिले में लड़की के साथ गैंगरेप हुआ है। लड़की के साथ कोचिंग में पढ़ने  वाले साथियों ने मिलकर दुष्कर्म किया है। बैतूल जिले में नाबालिग से छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ है। वहीं राजधानी भोपाल आई एक युवती से गैंगरेप का मामला सामने आया है। उसके सगे भतीजों पर सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ है।

उत्पीड़न निवारण समिति महिला कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी राशिदा मुस्तफा ने कहा कि मप्र में तो यह मामले पुलिस में पहुंचे हैं तो सामने आए हैं, परंतु कई अनगिनत मामले ऐसे हैं जो थाने तक भी नहीं पहुंचे हैं। श्रीमती मुस्तफा ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार इन मामलों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नकारा साबित हो रही है। उसे अपराधियों का अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने सवाल किया है कि सुशासन की दुहाई देने वाले मुख्यमंत्री के राज में क्या महिला उत्पीड़न ही सुशासन है। राशिदा ने कहा कि मंहगाई के बोझ तले दबी महिलाओं को अब रसोई के साथ-साथ अपने अस्तित्व को बचाने की दोहरी चुनौती भी स्वीकार करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान में जरा भी नैतिकता बची हो तो उन्हें तत्काल    मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

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