दुनिया एक परिवार, सभी को आर्य बनाएंगे: मोहन भागवत



 संघ प्रमुख बोले-अनुशासन का पालन करने सभी संप्रदायों को शुद्ध करने की जरूरत

 24 से 26 नवंबर तक चलेगा तीसरे विश्व हिंदू कांग्रेस सम्मेलन का आयोजन

बैंकॉक, एजेन्सी।  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत तीसरे विश्व हिंदू कांग्रेस सम्मेलन में हिस्सा लेने बैंकॉक गए हुए हैं। यहां उन्होंने शुक्रवार को कहा कि दुनिया एक परिवार है। हम सभी को आर्य यानी एक संस्कृति बनाएंगे। हालांकि, संस्कृति शब्द काफी नहीं है, एक बेहतर दुनिया के लिए मुझे संस्कृति कहना होगा। अनुशासन का पालन करने के लिए भारत के सभी संप्रदायों को शुद्ध करने की जरूरत है। संघ प्रमुख ने यह भी कहा कि हिंदू परंपराओं में भले ही कुछ मतभेद हों, लेकिन ये धर्म का अच्छा उदाहरण पेश करती हैं। हम हर जगह जाते हैं, सबके दिल को छूने की कोशिश करते हैं, कुछ लोग राजी होते हैं तो कुछ राजी नहीं भी होते, लेकिन फिर हम सभी से जुड़ते हैं। तीसरे विश्व हिंदू कांग्रेस सम्मेलन का आयोजन हर चार साल में होता है। वल्र्ड हिंदू फाउंडेशन ने इस बार कार्यक्रम को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में ऑर्गनाइज किया है। 24 नवंबर को शुरू हुआ प्रोग्राम 26 नवंबर तक चलेगा।

 हमारा धर्म विजय पर विश्वास

 भागवत के मुताबिक, हम धर्म विजय पर भरोसा करते हैं। इसी पर हमारा धर्म टिका हुआ है। यह प्रक्रिया धर्म नियम पर आधारित है और इसी के फलस्वरूप धर्म हमारे लिए कर्तव्य बन जाता है। हमने धन विजय और असुर विजय का भी अनुभव किया है। धन विजय के मायने वस्तुओं से मिलने वाली खुशी से है, लेकिन इसमें इरादे ठीक नहीं होते। यह आत्मकेंद्रित होने जैसा है। देश ने 250 साल तक (अंग्रेजों की) धन विजय देखी। असुर विजय यानी अन्य समुदायों के लिए अग्रेशन का भाव रखना। उन्होंने (मुस्लिमों ने) 5200 साल शासन किया। इससे हमारी धरती पर तबाही मच गई थी। 

राम मंदिर की गूंज पूरी दुनिया में होनी चाहिए

 स्वामी विज्ञानानंद वल्र्ड हिंदू फाउंडेशन के प्रमुख और तीसरे विश्व हिंदू कांग्रेस सम्मेलन के चीफ ऑर्गनाइजर स्वामी विज्ञानानंद ने कहा- हमने अयोध्या से प्रसाद बुलवाया है। अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर की प्रतिकृति यहां (बैंकॉक) में तैयार हो रही है। हम अयोध्या से रामलला के जन्मस्थान की फोटो भी लाएंगे। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले ही राम मंदिर की गूंज पूरी दुनिया में होनी चाहिए। 

सम्मेलन की थीम-जयस्य आयतनं धर्म

तीसरे विश्व हिंदू कांग्रेस सम्मेलन की थीम जयस्य आयतनं धर्म: रखा गया है। इसका अर्थ होता है-धर्म, विजय का आधार। सम्मेलन 26 नवंबर तक चलेगा। इसमें दुनिया के कई क्षेत्रों में हिंदुओं के साथ हो रहे भेदभाव, अत्याचार और उससे निपटने के तरीकों के साथ हिंदुओं की उपलब्धियों पर भी विचार मंथन किया जाएगा। पहली वल्र्ड हिंदू कांग्रेस का आयोजन 2014 में दिल्ली और दूसरा 2018 में अमेरिका के शिकागो में हुआ था। कोरोना काल की वजह से तीसरे आयोजन में देरी हुई। कार्यक्रम का आयोजन वल्र्ड हिंदू फाउंडेशन के तरफ से किया जाता है।

 हिन्दू जीवन मूल्यों से ही विश्व में शांति में स्थापित होगी: थाई प्रधानमंत्री 

थाईलैंड के प्रधानमंत्री शेत्ता थाविसिन ने आशा व्यक्त की है कि उथल-पुथल से जूझ रही दुनिया सत्य, सहिष्णुता और सौहार्द्र के हिंदू जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेगी और विश्व में शांति स्थापित हो सकेगी। विश्व में हिन्दुओं की एक प्रगतिशील और प्रतिभासंपन्न समाज के रूप में पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से तीसरे विश्व हिंदू कांग्रेस सम्मेलन का यहां भव्य शुभारंभ हुआ। धर्म की विजय के उद्घोष के साथ प्रख्यात संत माता अमृतानंदमयी, भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी पूर्णात्मानंद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहनराव भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, विश्व हिन्दू परिषद के महामंत्री मिलिंद परांडे तथा कार्यक्रम के संस्थापक-सूत्रधार स्वामी विज्ञानानंद ने दीप प्रज्ज्वलन से सत्रारंभ हुआ।
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