चेले को 'मंत्री' बनवाने का वादा रह गया अधूरा



स्वामी रामभद्राचार्य ने सिवनी की जनता से किया था वादा

सिवनी। मध्यप्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद सिवनी जिले में बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री के गुरु स्वामी रामभद्राचार्य सुर्खियों में है। दरअसल, सिवनी जिले में विधानसभा चुनाव से पहले स्वामी रामभद्राचार्य ने अपनी एक कथा में सिवनी की जनता से एक वादा किया था जिसको लेकर उनका बयान राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है।
बता दें कि रामभद्राचार्य ने सिवनी में आयोजित अपनी कथा में सिवनी की जनता से कहा था कि उनके शिष्य मुनमुन राय को दूसरी बार विधायक का चुनाव जिता दें, उन्हें मंत्री बनाने की जवाबदारी रामभद्राचार्य की होगी, लेकिन जैसे ही मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ तो मुनमुन राय के समर्थकों को निराशा हाथ लगी ना तो मुनमुन राय को मंत्री बनाया गया और नहीं कोई बड़ा पद दिया गया। ऐसे में सिवनी जिले की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। वहीं, ऐसे समय में सोशल मीडिया पर स्वामी रामभद्राचार्य का सिवनी में दिया गया वचन सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। 

मुनमुन राय ने कराई थी स्वामी रामभद्राचार्य से कथा

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सिवनी से बीजेपी के वर्तमान विधायक मुनमुन राय ने बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री के गुरु राष्ट्रीय संत स्वामी रामभद्राचार्य की कथा आयोजित कराई थी, इस कथा में काफी संख्या में भीड़ जुटी थी वहीं, स्वामी रामभद्राचार्य ने मोदी सरकार का जमकर गुणगान किया था।

नहीं रहेगा सिवनी और बालाघाट का नेतृत्व

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है इस बार सिवनी जिले से दो बार के विधायक मुनमुन राय के मंत्री बनने के फुल चांस नजर आ रहे थे, लेकिन उन्हें तरजीह नहीं दी गई। बालाघाट से इस बार गौरीशंकर बिसेन चुनाव हार गए इसलिए बालाघाट में भी मंत्रिमंडल पद नहीं दिया गया, हालांकि मंडला से संपतिया उइके को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।

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