बीमा में सौ फीसदी एफडीआई पर सपाक्स ने उठाये सवाल


भोपाल ।  सपाक्स पार्टी की राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष  डॉ वीणा घाणेकर नेे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें सबसे अधिक महत्वपूर्ण और चेतावनी भरी बात यह लगी कि बीमा क्षेत्र को एफडीआई के हवाले 100 फीसदी कर दिया गया है। अर्थात् फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टर्स भारत में कहीं भी अपनी बीमा कंपनियां खोल सकते हैं। पूर्व में उन्हें 100 फीसदी छूट नहीं थी। पूर्व में 49 फीसदी फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टर्स एवं 51 फीसदी भारत सरकार की पार्टनरशिप थी। किंतु अब भारतीय बीमा कंपनियां जैसे भारतीय जीवन बीमा निगम, यूनाइटेड इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया एश्योरेंस एवं ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनियां अब एफडीआई की बीमा कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करेंगी, जिसमें उनका मरण निश्चित है। अर्थात् भारत के नागरिकों का जीवन बीमा, जनरल इंश्योरेंस, व्यापार का इंश्योरेंस, गाड़ियों का इंश्योरेंस, मेडिकल इंश्योरेंस अब फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट की बीमा कंपनियां कर सकती हैं, जिसमें भारत सरकार का कोई भी शेयर नहीं रहेगा ।अब हम सभी विदेशों की कंपनियों के हाथों में असहाय हो जाएंगे । ऐसी नीतियां पॉलिसी विश्व में किसी भी देश में नहीं है। हमारी कंपनियों को डुबाने का यह प्लान हमें कतई स्वीकार नहीं होना चाहिए । ऐसा निर्णय क्यों लिया गया ? यह एक यक्ष प्रश्न है।


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