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Showing posts from August, 2020

नौवां ग्रह है ... लेकिन कहां?

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  नासा के वैज्ञानिकों ने कहा है कि प्लैनेट नाइन की अवधारणा वास्तविक है और संभव है कि वह पृथ्वी के द्रव्यमान से 10 गुना ज्यादा और वरुण (नेपट्यून) की तुलना में सूर्य से 20 गुना ज्यादा दूर हो। प्लैनेट नाइन या सौर मंडल का नौवां ग्रह सुपर अर्थ ग्रह हो सकता है जिसके बारे में वैज्ञानिक बातें करते रहे हैं और जिसका द्रव्यमान पृथ्वी से ज्यादा है लेकिन यूरेनस और नेपट्यून से काफी कम है। अमेरिका के कैलिफॉर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (कैलेटेक) में प्लैनेटरी ऐस्ट्रोफिजिसिस्ट कंस्तनचीन बैटीगिन ने कहा, 'प्लैनेट नाइन के अस्तित्व का संकेत देने वाले अब 5 अलग-अलग व्याख्यात्मक प्रमाण हैं।' उन्होंने कहा, 'अगर आप इस व्याख्या को हटाते हैं और प्लैनेट नाइन के न होने की कल्पना करते हैं तो आप हल करने से ज्यादा समस्याओं को जन्म देंगे। वैज्ञानिकों ने इससे पहले भी कहा था कि सौर मंडल के बाहरी भाग काइपर घेरे से भी आगे एक संभावित ग्रह है। अब एक और व्याख्या के जरिए वैज्ञानिकों ने इसके अस्तित्व से इनकार नहीं किया है। बैटीगिन ने बताया कि एकाएक आपके पास 5 अलग-अलग पहेलियां हैं और उन्हें स्पष्ट करने के लि

सुरखी का ऐसा पहला चुनाव है, जिसमें मतदाताओं को कोई दुविधा नही है:- भूपेंद्र सिंह ठाकुर

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भाजपा कार्यकर्ता सेक्टर मिलन समारोह के क्रम में बरोदा रहली में हुए कार्यक्रम भोपाल। सुरखी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव को लेकर भाजपा के  सेक्टर सम्मेलन चल रहे हैं। इसी तारतम्य में शनिवार को बरोदा रहली में आयोजित मिलन समारोह में सुरखी विधानसभा के दोनों दिग्गज नेता को जनता ने एक साथ देख लोगों में उत्साह का ठिकाना न रहा। जिस सुरखी विधानसभा क्षेत्र में कभी भूपेंद्र सिंह एवं गोविंद सिंह आमने सामने होते थे, उसी सुरखी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिये दोनों नेता एक साथ नजर आए। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने गोविंद सिंह राजपूत का पार्टी में स्वागत करते हुये कहा कि सुरखी के मतदाताओं को नेता चुनने की दुविघा नहीं होगी। सुरखी विधानसभा में होने वाले उपचुनाव में पहली बार ऐसा होगा कि मतदाता को विधायक चुनने के लिये किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं होगी क्योकि पूरी कांग्रेस गोविंद सिंह राजपूत के साथ में भाजपा मे शामिल हो गई है। उन्होने अपने उद्वोधन में कहा कि सुरखी विधानसभा के विकास के लिये एक नहीं दो मंत्री साथ मिल कर काम करेंगें। उन्होने जनता से वादा किया कि इस क्षेत्र में विकास

बरमूडा त्रिकोण का रहस्य सामने आया

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बरमूडा  ट्राएंगल अमेरिका के फ्लोरिडा , प्यूर्टोरिको और  बरमूडा तीनों को जोड़ने वाला एक ट्रायंगल यानी त्रिकोण हैI हजारों जहाज आज तक बरमूडा से वापस नहीं आए हैं जिस कारण इस जगह जाने से हर किसी को डर लगता हैI इस जगह के बारे में ऐसा कहा जाता है कि बरमूडा के रहस्य को कोई सुलझा नहीं पाता है। ना जाने कितने ही शिप और एयर प्लेन्स को ये सागर अपने आप में समां चुका है। एक बार जो इसकी सीमा में प्रवेश कर जाता है वो कभी लौट कर नहीं आ पाता है लेकिन एक घटना ने सबको हिला कर रख दिया है। एक जहाज 90 साल बाद इस रहस्यमयी ट्रायएंगल से लौट आया । बरमूडा के बारे में कहा जाता है कि यह ऐसा रहस्यमय क्षेत्र है जहां पर वायुयान और जलयान रहस्यमयी रूप से लापता होते हैं जब लापता जहाज का यह राज पता चला मैरी सेलेस्टी नाम का एक व्यापारिक जहाज बरमूडा ट्राएंगल क्षेत्र में लापता हो गया था। 4 दिसम्बर 1872 को अटलांटिक महासागर में यह पाया गया। इस जहाज पर सवार यात्री और जहाज के कर्मचारी का कोई पता नहीं चला। शुरू में यह माना गया कि जहाज समुद्री डाकुओं द्वारा लूट लिया गया होगा। लेकिन जहाज पर कीमती सामानों के सुरक्षित होने से

सामूहिक पक्षी आत्महत्या का रहस्य आया सामने

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  पक्षियों की सुसाइड की रहस्यमयी घटना   दक्षिणी असम के दिमा हासो जिले की पहाड़ी घाटी में स्थित जतिंगा एक ऐसा गांव है, जो अपनी प्राकृतिक अवस्था के चलते साल में करीब 9 महीने तक बाहरी दुनिया से अलग-थलग रहता है। लेकिन सितंबर माह की शुरुआत से ही यह गांव खबरों की सुर्खियों बन जाता है। इसका कारण है यहां होने वाली पक्षियों की सुसाइड की रहस्यमयी घटना। दरअसल, अक्टूबर से नवंबर तक कृष्णपक्ष की रातों में यहां ‘पक्षी-हराकिरी’ का अजीबोगरीब वाकया होता है। शाम सात बजे से लेकर रात के दस-साढ़े दस बजे के बीच अगर आसमान में धुंध छा जाए, हवा की रफ्तार तेज हो जाए और कहीं से कोई रोशनी कर दे तो चिड़ियों की खैर नहीं। उनके झुंड कीट-पतंगों की तरह बदहवास होकर रोशनी के स्त्रोत पर गिरने लगते हैं। आत्महत्या की इस दौड़ में स्थानीय और प्रवासी चिड़ियों की 40 प्रजातियां शामिल रहती हैं। कहा जाता है कि यहां बाहरी अप्रवासी पक्षी जाने के बाद वापस नहीं आते। इस वैली में रात में एंट्री पर प्रतिबंध है।   सच क्या है? जातिंगा दरअसल असम के बोरैल हिल्स में स्थित है। जहां काफी बरसात होती है और बेहद ऊंचाई पर होने व पहाड़ों से घ

आरती चौहान बनीं राष्ट्रीय क्षत्रिय जन संसद की गवर्निंग कौंसिल सदस्य

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भोपाल । क्षत्रिय समाज के पुनरुत्थान के लिए कई वर्षों से सक्रिय समाजसेवी एवं विश्व क्षत्रिय अखाड़ा संस्कार शाला की संस्थापक आरती सिंह चौहान को उनके सक्रिय योगदान को ध्यान में रखते हुए सम्पूर्ण भारत के क्षत्रिय समाज व संगठन के सशक्तिकरण के लिए गठित शीर्ष संस्था राष्ट्रीय क्षत्रिय जन संसद की गवर्निंग कौंसिल का सदस्य मनोनीत किया गया है। इसके साथ ही क्षत्रिय अधिकार न्याय मोर्चा का मध्यप्रदेश का वीरांगना संयोजक भी मनोनीत किया गया है। आरती सिंह की नियुक्ति राष्ट्रीय क्षत्रिय जन संसद की गवर्निंग कौंसिल की आम बैठक में सदन नेता कु. अजय सिंह के प्रस्ताव पर सभापति महेश पाटील-बेनाडीकर ने की है। आरती चौहान को मिली इस नई जिम्मेदारी से राष्ट्रके क्षत्रिय समाज में हर्ष का वातावरण है। उनके ईष्ट मित्रों ने इस नई जिम्मेदारी पर ढेरों बधाई दी है।

आपदा नियंत्रण केन्द्र चौबीस घंटे सक्रिय रहें : मुख्यमंत्री

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अतिवर्षा से जलभराव क्षेत्रों से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठकें कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों भोपाल ।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में अतिवर्षा की स्थिति की समीक्षा कर आमजन को जलभराव की स्थिति से बचाने और आवश्यक राहत के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिला मुख्यालय स्थित आपदा नियंत्रण केन्द्र को 24 घंटे सक्रिय रखा जाए। जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक तत्काल की जाए और अतिवर्षा के एवं राहत के प्रयासों की गहन समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए की सभी कलेक्टर्स जिले के बड़े बांधों और जलाशयों की स्थिति पर नजर रखें। संबंधित अमला पूर्ण सजग, सतर्क रहे। नर्मदा घाटी विकास विभाग के कंट्रोल रूम से भी निरंतर संपर्क रखा जाए ताकि जलभराव और बांधों के गेट खोलने की स्थिति आने पर सभी आवश्यक इंतजाम हो सकें। संभागीय कमिश्नर्स भी नियमित मॉनिटरिंग कर कठिनाई की स्थिति में समाधान निकालने में पीछे न रहें। बाढ़ की स्थिति में आपदा राहत के लिए सभी उपयोगी उपकरण कार्य करने की स्थिति में रखते हुए बचाव दल

जनता महंगाई, महामारी और भ्रष्टाचार से जूझ रही, भाजपा सत्ता का खेल खेल रही है : पांसे

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सरकार बस और ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को अनदेखा कर रही, परिवहन के अभाव में जनता त्रस्त भोपाल । पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे ने  पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि, कोई भी आम आदमी इस बात को आसानी से समझ सकता है कि ईंधन के भाव बढ़ने की सीधी मार देश के किसानों पर, उद्योगों पर और हर नागरिक के दैनिक जीवन पर पड़ती है। आज जब देश कोविड-19 के संक्रमण की आपदा से गुजर रहा है तो देश के नागरिकों को सरकार से मदद की दरकार रहती है, लेकिन मोदी जी तो आपदा को भी सरकार के लिये अवसर में बदलनें की बात बोल कर देश की नागरिकों को ही हलाकान करनें में लगे हैं। विश्व बाजार में कच्चा तेल सस्ता होनें के बाद भी देश के नागरिकों को इसका लाभ न देकर भाजपा की सरकार बड़े उद्योगपतियों को राहत देनें में लगी है। पूरे विश्व में पेट्रोल डीजल पर सबसे ज्यादा टैक्स भारत में लिया जा रहा है। क्रूड आयल के रेट 2014 में 100 डॉलर से भी अधिक थे, आज मात्र 40 डाॅलर है। लेकिन इसका फायदा मोदी सरकार ने जनता को नहीं दिया। वर्ष 2014 में पेट्रोल पर 9.48 रूपये का टैक्स था और डीजल पर 3.56 रूपये जो आज बढ़कर पेट्रोल में 32.98 रूपये और डीजल पर 31.8

मुख्यमंत्री की पहल से निर्मित हुए अद्भुत फॉसिल पार्क एवं नक्षत्र वाटिका

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लॉकडाउन में प्रारंभ हुआ सृजन का अध्याय  भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जब कान्हावाडी की कांति देवी ने कोविङ -19 के दौरान नक्षत्र वाटिका विकसित करने के बारे में बताया, तो श्री चौहान खुद को यह कहने से नहीं रोक पाये कि यह अनूठी और अद्भुत पहल तो आपदा को अवसर में बदलने का सटीक प्रमाण है। इस चर्चा में ही धार जिले के अनसिंह गंगाराम ने मांडव के पासे बने फासिल पार्क में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी तो मुख्यमंत्री की सहज प्रतिक्रिया थी कि ''मैं इसे दखने जरूर आऊंगा''। फॉसिल पार्क में डायनासोर के अंडों सहित दुर्लभ जीवाश्म का संग्रह है। श्री चौहान गत दिवस वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंत्रालय से विभिन्न जिले के मनरेगा मजदूरों से बात कर रहे थे। सर्वविदित है कि कोविड-19 के कारण यह वर्ष सभी के लिए असाधारण और चुनौतीपूर्ण रहा है। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण अपने गृह ग्रामों में लौटे और स्थानीय श्रमिकों को राहत देने के लिये काम के अवसर सृजित करना जरूरी था। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हुए गांव-गांव में कार्य आरंभ किये। प्रदेश में 7 लाख 81 हजार

भारत में प्रप्राइअटेरी ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म को विकसित करेंगी जंपनेट, मॉस

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साझेदारी और निवेश करके नवाचार से सेवाओं को बढायेगी कंपनी मुंबई । बीएसई सूचीबद्ध और एनएसई द्वारा ट्रेडेड, जंप नेटवर्क्स लिमिटेड (जम्पनेट) - एक ऐसी प्रौद्योगिकी कंपनी जो समाज के ऐतिहासिक रूप से अल्प-संचालित सेक्शनों को अल्ट्रा-लो बैंडविड्थ पर अगली पीढ़ी की डिजिटल सेवाएं प्रदान करती है, भारत में अग्रणी फिनटेक कंपनियों में से एक में निर्माण करने के लिए मॉस यूटिलिटी प्राइवेट लिमिटेड (मॉस) के साथ साझेदारी करने के लिए निवेश और पूंजीकरण करने हेतु तैयार है। जम्पनेट मॉस के सभी संचालनों को अपने प्रप्राइअटेरी ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म पर ले जाएगा। यह उम्मीद है कि जंपनेट के लिए अगले 12 महीनों में रूपए 1000 करोड़ से अधिक का राजस्व उत्पन्न होगा।  मॉस एक स्थापित फिनटेक कंपनी है जिसका पूरे भारत में एकीकृत एजेंटों का एक मजबूत भौतिक नेटवर्क है। कंपनी वित्तीय लेन-देन, धन हस्तांतरण, यात्रा और होटल बुकिंग, उपयोगिता भुगतान, बीमा, और अन्य सुविधाओं के आधार पर केंद्रित है, जिसकी सुविधा 1 लाख से अधिक एजेंटों द्वारा 28 राज्यों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित 10 मिलियन से अधिक घरों तक पहुंचाई जाती हैं। यह येस

राजधानी में रिकॉर्ड बारिश, 14 साल बाद साढ़े 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा

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भोपाल में बड़ा तालाब लबालब होने से भदभदा डैम के 10 गेट खोल दिए गए भोपाल। राजधानी भोपाल में शुक्रवार की सुबह से लेकर शनिवार की सुबह तक रिकॉर्ड बारिश हुई है। भोपाल में 14 साल बाद 24 घंटे में साढ़े 8 इंच से ज्यादा यानि 215.4 मिलीमीटर पानी गिरा। इसके साथ ही 14 साल बाद अगस्त में एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड भी टूट गया है। यहां पर 24 घंटे में 215.4 मिली मीटर बारिश हुई है। इससे पहले भोपाल में 14 अगस्त 2006 को 299 मिमी बारिश हुई थी। इधर, बड़ा तालाब लबालब भर जाने से पानी वीआईपी रोड पर बहने लगा है। वहीं शनिवार को सुबह पहले भदभदा डैम के एक-एककर छह गेट खोलने पड़ गए। इसके बाद कलियासोत डैम के दो गेट भी खोल गए दिए गए हैं। शहर में भारी बारिश का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि एक ही दिन में छह घंटे के अंदर दोनों बड़े डैम के गेट खोलने पड़ गए। राजधानी में 24 घंटे से जारी भारी बारिश के चलते भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब लबालब भर गया है। इस कारण सीजन में पहली बार भदभदा डैम के छह गेट और कलियासोत डैम के दो गेट खोल दिए गए हैं। बड़ा तालाब में लगातार आ रहे बैक वाटर और कोलांस नदी का पानी का दबाव लगा

उफान पर नदियां व बांध, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त

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भोपाल/इंदौर । पूर्वी मध्यप्रदेश में गुरुवार शाम से लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। इंदौर भोपाल जैसे महानगरों सहित पूर्वी मध्यप्रदेश के करीब 21 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश हो रही है। गौरतलब है कि केंद्रीय जल आयोग ने भी दो दिन पहले पूर्वी मध्यप्रदेश सहित चार राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ आने संबंधी चेतावनी जारी की थी। राजधानी भोपाल में लगातार भारी बारिश हो रही है। यहां शुक्रवार से शुरू हुई बारिश शनिवार शाम तक कभी तेज तो कभी रिमझिम होती रही। भोपाल में बीते 24 घंटे की बात की जाए तो 9 इंच के लगभग बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक इससे पहले राजधानी भोपाल में ऐसे बारिश 14 अग्स्त 2006 को हुई थी। इधर, बड़ा तालाब लबालब भर जाने से पानी वीआईपी रोड पर बहने लगा है। वहीं शनिवार को सुबह पहले भदभदा डैम के एक-एककर दस गेट खोलने पड़ गए। इसके बाद कलियासोत डैम के दो गेट भी खोल गए दिए गए हैं। शहर में भारी बारिश का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि एक ही दिन में छह घंटे के अंदर दोनों बड़े डैम के गेट खोलने पड़ गए। राजधानी में 24 घंटे से जारी भारी बारिश के च

वीडियो काल कर सिखाया ईको फ्रेंडली गणपति बनाना

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भोपाल। वोमेन्स पॉवर गु्रप भोपाल की अध्यक्ष चंचल सिंह राजपूत विगत सात सालों से स्वयं तथा आमजन के लिए ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा बनाती आ रही हैं। अपने हुनर से चंचल दूसरों को भी ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा बनाना सिखाती आई हैं। इसके लिए बाकायदा वह क्लास लगाकर प्रशिक्षण भी देती रही हैं। पर इस बार कोरोनकाल के कारण क्लास लगाकर प्रशिक्षण देना सम्भव नहीं हो सका था। इसके बाद भी चंचल राजपूत ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने वीडियो कॉल कर लोगों को ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा बनाना सिखाया। चंचल और उनका परिवार खुद घर पर मूर्ति के लिए मिट्टी तैयार करते हैं। इसके साथ ही घर पर जो समान होता है उसी से मूर्ति की सजावट भी की जाती है।

नुकसान की स्थिति में भरपाई करेगी सरकार: मंत्री श्री पटेल

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नियंत्रण कक्ष मुस्तैदी से करें फसल स्थिति की निगरानी  भोपाल ।  किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि बारिश और कीट व्याधि से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत अनुदान से करेगी। उन्होंने कहा कि फसलों की स्थिति की सतत निगरानी के लिये जिला स्तर पर बनाये गये नियंत्रण कक्षों में मुस्तैदी से कार्य किया जाना अधिकारी सुनिश्चित करें। श्री पटेल ने कहा कि कुछ जिलों में एक ओर जहाँ अतिवर्षा हो रही है, वहीं दूसरी ओर फसलों को कीट व्याधि से नुकसान पहुँचने की संभावनाएँ अधिक हैं। उन्होंने जिलों में गठित जिला स्तरीय दलों को नियमित भ्रमण करने और किसानों को उचित सलाह देने के निर्देश दिये हैं। दल में कृषि वैज्ञानिकों को भी सम्मिलित किया गया है। उन्होंने बताया कि दल द्वारा कीट व्याधि से फसलों के बचाव के साथ ही जल भराव की स्थिति में जल निकासी के लिये किसानों को सलाह नियमित रूप से दी जाये। श्री पटेल ने कहा कि खेतों में कीट व्याधि परिलक्षित होने पर किसानों को विभिन्न योजनाओं में किये गये प्रावधानों के अनुसार अनुदान राशि भी उपलब्ध कराई जायेगी। जिलों मे

12 लाख मेट्रिक टन रेड मड की आपूर्ति के लिए किया करार

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सर्कुलर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए आदित्य बिरला ग्रुप की दो कंपनियों ने मिलाये हाथ 100% रेड मड का उपयोग करने वाले दुनिया की पहली कंपनी बनी हिंडाल्को मुंबई । एल्युमीनियम और तांबे के उद्यम की दुनिया की अग्रणी कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने सीमेंट और कॉन्क्रीट की भारत की सबसे बड़ी उत्पादक अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के साथ समझौता करार किया है।  इस करार के अनुसार देश के सात राज्यों में अल्ट्राटेक के 14 प्लांट्स में हर साल 12 लाख मेट्रिक टन रेड मड (जिस बॉक्साइट रेसिड्यू भी कहा जाता है) की जाएगी। हिंडाल्को अपनी तीन रिफाइनरियों में 100% लाल मिटटी का उपयोग करने वाली दुनिया की पहली कंपनी है। एल्युमीनियम निर्माण प्रक्रिया में उत्पन्न होने वाली रेड मड एल्युमीनियम, सिलिका और अल्कली के साथ आयरन ऑक्साइड भारी मात्रा में पाया जाता है।  सीमेंट उद्योग ने अपनी प्रक्रिया के दौरान लेटेराइट और लिथोमारेज जैसे खनन खनिजों की प्रक्रिया की क्षमता विकसित की है। हिंडाल्को अल्ट्राआईटी टेक सीमेंट प्लांट्स को रेड मड की आपूर्ति कर रहा है,  जहां यह खनन सामग्री के लिए एक प्रभावी विकल्प साबित हुआ है, क्लिं

विकास मल्टीकॉर्प करेगी एफएमसीजी सेगमेंट में प्रवेश

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बनाई 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजना  नई दिल्ली। बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध स्पेशयलिटी कैमिकल्स फर्म, विकास मल्टीकॉर्प लिमिटेड द्वारा हाल ही में नए क्षेत्र से जुड़ने सम्बन्धी एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई। कम्पनी आगे एफएमसीजी उद्योग के फ़ूड प्रोटेक्शन तथा पर्सनल हाइजीन सेगमेंट में प्रवेश कर सकती है। इसके लिए आने वाले 2 वर्षों में कम्पनी ने करीब 100 करोड़ रुपये के निवेश की भी योजना बनाई है। विकास मल्टीकॉर्प ने नियामक रेगुलेटरी फाइलिंग (नियामक फाइल) में कहा- कम्पनी ने इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए ख्यात और स्थापित राष्ट्रीय ब्रांड्स युक्त ट्रेडमार्क के एक पोर्टफोलियो के अधिग्रहण के लिए एक 'डेफिनिटिव एग्रीमेंट' पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इस डील के विस्तृत वर्णन को सामने न लाते हुए, कम्पनी ने कहा कि उसने फ़ूड पैकेजिंग तथा टिशू पेपर ब्रांड्स- होमफॉइल, चपाती रैप, क्लीनरैप तथा मिस्टीक के ट्रेडमार्क का अधिग्रहण किया है।  विकास मल्टीकॉर्प द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस ब्रांड पोर्टफोलियो के अधिग्रहण के साथ कम्पनी इन वस्तुओं की मेन्युफेक्चरिंग के लिए एक मौजूदा पेटेंट को पहचानने और उसे अ

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में एनईपी 2020 पर वेबीनार

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यह नीति भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाएगी - प्रोफेसर कट्टीमन्नी भोपाल। नई शिक्षा नीति को प्रचारित करने के उद्देश्य से रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय ने 'शिक्षा में परिवर्तनकारी नीति: एनईपी 2020' विषय पर वेबीनार का आयोजन किया. इस आयोजन के मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. टी वी कट्टीमनी, पूर्व कुलपति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय अमरकंटक और सदस्य ड्राफ्ट कमेटी एनईपी ने संबोधित किया. उन्होंने कहा कि एनईपी 2020 स्कूली व उच्च शिक्षा में सुधारों का मार्ग प्रशस्त करेगी. इस नीति का लक्ष्य भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है. यह नीति शिक्षा में आधुनिक तकनीकों को बढ़ाने के साथ ही भारतीय जीवन मूल्यों और जीवन पद्धति पर बल देती है. विश्वविद्यालय में टीचिंग व रिसर्च पर फोकस किया जाएगा. रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की जा रही है. उन्होंने आगे कहा कि यह नीति अभिभावकों के माइंडसेट को भी बदलेगी. विद्यार्थियों को उस तरह की शिक्षा लेनी चाहिए जिससे आगे समाज व देश को लाभ हो. यह नीति विद्यार्थी को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ ग्लोबल सिटीजन भी बनाएगी

रेड, ऑरेज, येलो से मिलती है रंग भरे मौसम की चेतावनी

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सप्तरंगी मौसम का विज्ञान समझाया सारिका घारू ने भोपाल। मौसम की बेइमानी और आने वाले तूफान की चेतावनी देने होता है इंद्रधनुषी रंगों का उपयोग। मानसून के दौरान सातों रंगों का संगम तो मनमोहक इंद्रधनुष बनाता है। लेकिन मौसम विभाग उनमें से हरा, पीला,नारंगी और लाल रंग का उपयोग  मौसम के मिज़ाज की चेतावनी देने के लिये करता हैै। वैज्ञानिक आकलन करके मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करने के लिये इन रंगों का चुनाव कई एजेंसियों ने साथ मिलकर किया है जिससे जनधन की हानि कम हो सके। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने मौसम के रंग कार्यक्रम में बच्चों को ये जानकारी दी। सारिका ने बताया कि भीषण गर्मी, शीत लहर, मानसूनी या चक्रवाती तूफान आदि के बारे में जानकारी देने के लिये इन रंगों का प्रयोग किया जाता है। जैसे जैसे खतरा बढ़ते जाता है अलर्ट का रंग गहरा होता जाता है। रेड अलर्ट तब जारी किया जाता है जब मौसम खतरनाक हो जाता है और भारी नुकसान होने की संभावना होती है। येलो अलर्ट का मतलब है कि खतरे के प्रति सावधान रहें। ग्रीन अलर्ट का मतलब है कि अभी कोई खतरा नहंी है। तो रंग भरे मौसम के हरे रंग में आनंद लीजिये

भारत की विविधता में एकता ही हमारी ताक़त

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डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर   भारत एक ऐसा देश है जहां करोड़ों लोग विभिन्न धर्म, परंपरा, और संस्कृति के एक साथ रहते हैं और स्वतंत्रता दिवस के इस उत्सव को पूरी खुशी के साथ मनाते हैं। इस दिन, भारतीय होने के नाते, हम गर्व तो  महसूस करते ही हैं हमें ये वादा भी  करना चाहिये कि हम किसी भी प्रकार के आक्रमण या अपमान से अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिये सदा देशभक्ति से पूर्णं और ईंमानदार रहेंगे। 74वां स्वतंत्रता दिवस हमारे बीच दस्तक दे रहा है। हम सब जानते हैं कि सदियों की गुलामी के पश्चात् 15 अगस्त सन् 1947 के दिन हमारा भारत देश आजाद हुआ था। पहले हम अंग्रेजों के गुलाम थे। उनके बढ़ते हुए अत्याचारों से सारे भारतवासी त्रस्त हो गए और तब विद्रोह की ज्वाला भड़की और भारत देश के अनेक वीरों ने प्राणों की बाजी लगाई, गोलियां खाई और अंतत: आजादी पाकर ही चैन लिया। 15 अगस्त हमेशा हमारे लिए इतना खास रहा है कि एक दिन जब हम अपने देश की सारी महिमा याद करते हैं क्योंकि हम संघर्ष, विद्रोह और भारतीय स्वतंत्रता से लड़ने वाले भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयासों को याद करते हैं। भारत का स्वतंत्रता दिवस न केवल ब्रिटिश

लॉजिस्टिक्स विभाग की हिन्दी् ई-पत्रिका का विमोचन

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भोपाल। विगत दिनों लॉजिस्टिक्स विभाग की विभागीय हिन्‍दी ई-पत्रिका का विमोचन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि राकेश सिंह, महाप्रबंधक (एमएम व सीडीसी) व अध्‍यक्षता अपर महाप्रबंधक (लॉजिस्टिक्स) वायएस सिंह ने की ।  अपने उदबोधन में राकेश सिंह, महाप्रबंधक  (एमएम व सीडीसी) ने हिन्दी को दिल से जुड़ी हुई भाषा बताया  और कहा कि  विभाग की यह पत्रिका ज्ञानार्जन व विभाग से जुड़ी गतिविधियों से रूबरू होने का माध्यम है । कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे विभागाध्यक्ष वाईएस सिंह ने विभाग की चुनौतीपूर्ण कार्यप्रणाली के बीच इस पत्रिका के प्रकाशन पर संपादक मण्डल को बधाई देते हुए इसे रचनात्मक अभिव्यक्ति आगे लाने का माध्यम बताया । इस अवसर पर राजभाषा विभाग की वरिष्‍ठ  राजभाषा अधिकारी ने उपस्थित होकर विभाग में चल रही गतिविधियों पर प्रसन्नता व्यक्त की । कार्यक्रम में विशेष रूप से अपर महाप्रबंधक एनसी नस्कर भी उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन विभागीय हिन्दी समिति के सचिव रजनीकान्त चौबे व आभार प्रदर्शन वरिष्‍ठ उप महाप्रबंधक  मनोज नीलाम्वर द्वारा किया गया ।

एआईसीसी की त्रिमूर्ति निकालेगी राजस्थान का हल

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नई दिल्ली। राजस्थान की जारी सियासी संकट के बीच कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एआईसीसी से एक कमेटी बनाने को कहा है, जो सचिन पायलट और बागी विधायकों की ओर से उठाए गए मुद्दों का हल निकालेगी। कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सोनिया गांधी ने फैसला किया है कि पार्टी सचिन पायलट और बागी विधायकों की ओर से उठाए गए मुद्दे को दूर करने के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन करेगी और उसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। राहुल-प्रियंका से मिले पायलट, वापसी के फॉर्मूले पर चर्चा  राजस्थान में 14 अगस्त से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है। इसके पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। सोमवार को सचिन पायलट ने दिल्ली में राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई। पायलट की कांग्रेस में वापसी का फॉर्मूला तलाशा जा रहा है, लेकिन पार्टी ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री पद के बारे में फिलहाल कोई बात नहीं होगी। पायलट अगर लौटना चाहें तो एडजस्टमेंट के लिए कुछ समय इंतजार भी करना पड़ेगा। 2 तरह के एडजस्टमेंट पर बात होने की चर्चा: पहला- सचिन पायलट से कहा गया है कि द

व्यापम की तर्ज पर स्कूली बच्चों के भविष्य के साथ घोटालेबाज़ी ना करे सरकार : कुणाल चौधरी

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भोपाल । मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार अब  प्रदेश की 12 हजार 876 सरकारी स्कूलों को बंद करने की तयारी में है. राज्य शिक्षा केंद्र ने एक आदेश जारी कर जिले के अधिकारियों से कहा कि उन स्कूलों की समीक्षा की जाए जहां छात्रों की संख्या 0 से 20 है.  राज्य शिक्षा केंद्र की सूची में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर संभाग के जिलों में सबसे ज्यादा स्कूल बंद होंगे. इस मामले को लेकर अब मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष और कालापीपल से कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला है. कुणाल चौधरी ने कहा कि शिवराज सरकार पहले ही देशभर में व्यापम जैसे शिक्षा घोटाले के लिए मशहूर है और अब करीब 13 हज़ार सरकारी स्कूलों को बंद करना का यह फैसला बताता है कि लोकतंत्र और किसान विरोधी के साथ-साथ यह सरकार शिक्षा विरोधी भी है. कुणाल चौधरी ने कहा कि जब तक प्रदेश के बच्चे शिक्षित नहीं होंगे तो उन्हें रोज़गार कैसे मिलेगा, आने वाले समय में कोई भी आसानी से इन्हे साथ धोखा-धड़ी भी कर सकता है और बच्चे पढ़ेंगे नहीं तो अपने अधिकारों के लिए कभी दूसरों से सवाल भी नहीं पूछ पाएंगे.  मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने

प्रदेश भर में कर्मचारियों ने किया सत्याग्रह आंदोलन

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मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के वैनर पर हुआ सत्याग्रह आंदोलन भोपाल । महंगाई भत्ते पर लगाई गई रोक को वापस लेने, पुरानी पेंशन बहाली, सरकारी विभागों में भर्ती पर अघोषित प्रतिबंध हटाए जाने, निजीकरण का विरोध, श्रम कानूनों में लगाए गए प्रतिबंध को हटाने, सहित मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जुलाई से डीए पर लगाई गई रोक को हटाने, केंद्रीय वेतनमान के एरियर की अंतिम किस्त का भुगतान, वार्षिक वेतन वृद्धि काल्पनिक के स्थान पर नियमित स्वीकृत किए जाने, सेवानिवृत्त हो रहे  मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा प्रेषित 24 सूत्री मांग पत्र पर शीघ्र निराकरण किए जाने व अन्य मांगों को लेकर अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आव्हान पर प्रदेश भर में कर्मचारियों ने जिला मुख्यालयों पर सत्याग्रह आन्दोलन किया। राजधानी भोपाल में यह सत्याग्रह आंदोलन सतपुड़ा भवन पर किया गया। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष ओपी कटियार एवं  लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बताया कि अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ  के आव्हान पर महंगाई भत्ते पर लगाई गई रोक को वापस लेने, सरकारी विभागो

नई शिक्षा नीति का प्रदेश में होगा आदर्श क्रियान्वयन- मुख्यमंत्री

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स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यवस्थाएं की जाएंगी और अधिक मजबूत मुख्यमंत्री चौहान और केन्द्रीय मंत्री निशंक ने की वेबिनार में भागीदारी  भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जिस तरह मध्यप्रदेश ने बीते वर्षों में बिजली, पानी और कृषि के क्षेत्र में विकास के नए रिकार्ड बनाए हैं, उसी तरह अब स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में श्रेष्ठ उपलब्धियाँ प्राप्त करने के प्रयास होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप निर्माण के लिए वेबिनार श्रृंखला के माध्यम से किए जा रहे मंथन के तीसरे दिन स्वास्थ्य और शिक्षा वेबिनार का शुभारंभ कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के निर्देशन में भारत की नई शिक्षा नीति के तीन प्रमुख उद्देश्यों ज्ञान-कौशल और संस्कार को प्राप्त करने के सोच से तैयार की गई है। मध्यप्रदेश इसका आदर्श तरीके से क्रियान्वयन करेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी आयुष्मान भारत योजना में नया सहारा दिया है। यह योजना मार्गदर्शक सिद्ध हो रही है। मध्यप्रदेश में दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने का कार्य किया जाएगा। मुख्य

कोरोनाकाल में जिम जाने से पहले रखें खास ख्याल एवं सावधानियां भी

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सागर सिंह चौहान कोरोनाकाल में अब ज्यादातर लोगों को अपने सेहत की चिंता सता रही है। सरकार ने भी जल्द जिम खोलने का ऐलान कर सकती है। ऐसे में जिम जाने से पहले कुछ दजरुरी बातों का ध्यान रखना जरुरी है। जिम में एंट्री करने से पहले थर्मल टेम्परेचर जरूर चेक कराए। समय का ध्यान रखें। सैनेटाइजर और ग्लव्ज को अपने पास रखें। मास्क पर भी दें ध्यान। अपनी चीजों का विशेष ध्यान रखें । स्टीम और शॉवर का उपयोग न करें। इस बात को अच्छे से दिमाग में बिठा लेना आपके लिए काफी फायदेमंद होगा।  समय का ध्यान रखें दरअसल, कोरोना वायरस के पहले ये होता था कि लोग किसी भी वक्त जिम जा सकते थे और अपनी सुविधा के हिसाब से वर्कआउट कर सकते थे, लेकिन अब आपको जिम जाते वक्त ये ध्यान रखना होगा कि जो टाइम आपको निर्धारित किया जाएगा आप उसी समय जिम जाएं। ऐसा करने से सामाजिक दूरी बनी रहेगी और जिम में ज्यादा भीड़ भी नहीं होगी। सैनेटाइजर और ग्लव्ज को अपने पास रखें ये दोनों ही चीजों इस समय बेहद ही जरूरी है किसी भी मशीन का इस्तेमाल कर रहे हों या जिम की कोई भी छू रहे हों तो उन्हें और अपने हाथों को पहले सैनेटाइज करें। बिना सैनेटाइज किए किस

भारतीय लोकतंत्र में आरक्षण: वैशाखी या सहारा

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प्रशांत सिंह संविधान निर्माताओं ने अपनी दूरदर्शी सोच से संविधान में सभी देशवासियों को भिन्न-भिन्न आधार पर समान अधिकार देने का प्रयास किया था।  देश में असमानता मुख्यत: सामजिक रूप में देखने को मिल रही थी। पूर्व में प्रचलित वर्ण व्यवस्था में  लोगों ने परिवर्तन कर समाज में वर्ग व्यवस्था स्थापित की एवं वर्ग के आधार पर ही सामजिक असमानता जैसे कि उच्च वर्ग एवं निम्न वर्ग को मान्यता प्रदान की गयी। कार्यों के स्थान पर कुल को वरीयता दी जाने लगी। तब जरूरत थी कि सामाजिक विषमता को खत्म किया जाए एवं इसी उद्देश्य से आरक्षण को उपकरण के रूप मे प्रयोग किया गया। आरक्षण की विचारधारा कोई नई विचारधारा नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत तो ब्रिटिश काल में ही देखने को मिली थी, जहां महात्मा ज्योतिराव फुले ने सरकारी नौकरियों मे आनुपातिक आरक्षण की बात कही थी। आरक्षण के कई प्रारूपों को देखा जा सकता है, जैसे कि जातिगत आरक्षण, शिक्षा आधारित आरक्षण, लैंगिक आरक्षण इत्यादि। बहरहाल भारत में आरक्षण का मुख्य आधार जातिगत ही रहा है। भीम राव अम्बेडकर के द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के लोगों को आरक्षण के माध्यम से व

उपचुनाव तय करेगा दिग्गज नेताओं का भविष्य

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शिवराज, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया का भविष्य दांव पर भोपाल । प्रदेश में 27 सीटों पर उपचुनाव कब होंगे इस पर संस्पेंस बरकरार है। जिन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होना है वहा कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। 27 में से 16 विधानसभा क्षेत्र तो अकेले ग्वालियर-चंबल संभाग के हैं। यहां संक्रमण के चलते हालत चिंताजनक होते जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के इतिहास में ये पहला मौका होगा जब एक साथ 27 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होगा। इन सीटों के नतीजे सरकार के साथ भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं का भविष्य भी तय करने वाले कहे जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में चुनाव 27 से भी ज्यादा करीब 35 विधानसभा क्षेत्रों में हो सकते हैं। चुनाव परिणाम के बाद सत्ता किसकी होगी। कमलनाथ फिर से कांग्रेस की सरकार बनाएंगे या फिर शिवराज ही राज करेंगे? ये सब चुनाव परिणाम पर ही निर्भर करेगा। इसलिए 27 सीटों पर होने वाले चुनावों को प्रदेश में मिनी विधानसभा चुनाव भी कहा जा रहा है। ऐसा कहना इसलिए भी लाजमी है कि प्रदेश में 16 साल में 30 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए, लेकि

प्रदेश में सात लाख ट्रक और अन्य माल परिवहन वाहन नहीं चलेंगे

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इंदौर। परिवहन विभाग की चौकियों से हो रहे भ्रष्टाचार, मप्र में डीजल पर लग रहे सबसे ज्यादा वैट समेत अन्य मांगों को लेकर मप्र के सात लाख ट्रक और अन्य वाणिज्यिक माल परिवहन वाहन 10 से 12 अगस्त तक हड़ताल पर रहेंगे। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस वेस्ट जोन के उपाध्यक्ष विजय कालरा ने कहा कि मप्र में तीन दिन तक रजिस्टर्ड सात लाख ट्रक व अन्य वाणिज्यिक वाहन नहीं चलेंगे, साथ ही मप्र से हर दिन 33 हजार वाहन गुजरते हैं, वह भी नहीं गुजरेंगे। कालरा ने कहा कि हम लगातार मांग कर रहे हैं कि मप्र में चौकियों पर सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है और इन चौकियों से करोड़ों रुपए की काली कमाई की जाती है। डीजल पर मप्र में सबसे ज्यादा वैट लिया जा रहा है, आज 28 रुपए का डीजल मप्र में 81 रुपए से अधिक भाव में बिक रहा है। केंद्र ने भी डीजल पर एक्साइज ड्यूटी साल 2014 से 2020 के दौरान 3.56 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 31.83 रुपए प्रति लीटर कर दी है। लॉकडाउन के दौरान का भी गुड, रोड टैक्स मांगा जा रहा है और पेनल्टी भी लगाई जा रही है। कोरोना काल में सभी को बीमा योजना का लाभ मिला लेकिन जान जोखिम में डालकर जरूरी सामग्री पहुंचाने वा

शिक्षा और सामाजिक समरसता के लिए विशेष प्रयास करें स्वयंसेवक

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मोहल्ला एवं ग्रामीण शिक्षा केंद्रों के संचालन एवं पर्यावरण संरक्षण पर जोर स्वयंसवेकों ने सरसंघचालक को सुनाए सेवाकार्यों के अनुभव, संघ के साथ जुड़ रहे हैं युवा भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने वर्तमान चुनौतियों एवं आने वाले समय को ध्यान में रखकर कार्य करने के लिए मध्यभारत एवं मालवा प्रान्त के प्रमुख स्वयंसेवकों का प्रबोधन किया। उन्होंने रविवार को ठेंगड़ी भवन में दोनों प्रान्तों के चयनित स्वयंसेवकों के साथ संवाद किया। कोरोना संक्रमण एवं लॉकडाउन के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा समाज एवं अन्य संस्थाओं को साथ लेकर चलाए गए सेवाकार्यों और संघ की अन्य गतिविधियों की जानकारी ली। कोरोना संक्रमण के कारण शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए उन्होंने मोहल्ला एवं ग्राम शिक्षा केंद्र संचालित करने का आह्वान किया है, इस कार्य में समूचे समाज की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है।  मध्यभारत प्रान्त के संघचालक सतीश पिंपलीकर ने बताया कि ठेंगडी भवन में आयोजित संघ की इस बैठक में शारीरिक दूरी एवं कोराना से संबंधित अन्य दिशा-निर्देशों को पूरी तरह पालन किया गया। इस अवसर पर सरसंघचालक मोहन भ

प्रदेश को एक लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त यूरिया का आवंटन

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कृषि मंत्री कमल पटेल ने केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया का आभार व्यक्त किया भोपाल । कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कमल पटेल ने केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया का एक लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त यूरिया उपलब्ध कराने पर आभार व्यक्त किया है। कमल पटेल ने बताया कि राज्य में 11 लाख मीट्रिक टन यूरिया की मांग की गई थी, जुलाई तक भारत सरकार से 7.61 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति कर दी गई। राज्य में मानसून की समय पूर्व सक्रियता से 1.50 लाख मीट्रिक टन यूरिया की अतिरिक्त मांग निकली जिसके लिए कमल पटेल ने केन्द्रीय मंत्री श्री मंडाविया से फोन पर चर्चा कर अतिरिक्त यूरिया उपलब्ध कराने का आग्रह किया था जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया था। कमल पटेल के आग्रह पर जुलाई माह की मांग के विरुद्ध 86,000 मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया उपलब्ध करा दिया गया था, अगस्त माह की मांग 2.25 लाख मीट्रिक टन के स्थान पर 2.52 लाख मीट्रिक टन यूरिया आवंटित हो गया है जो 27000 मीट्रिक टन अधिक है। कमल पटेल ने बताया कि प्रदेश को अब तक 1 लाख 3 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया उपलब्ध कराया जा चुक

कमल पटेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से की फसलों की स्थिति की समीक्षा

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खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता को लेकर कृषि विस्तार अधिकारीयों से की चर्चा भोपाल । कृषि मंत्री कमल पटेल ने अपने गृह ग्राम बारंगा से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य में बोनी की स्थिति की समीक्षा की। प्रदेश भर के जिला कृषि विस्तार अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए कमल पटेल ने कहा कि किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक पर्याप्त मिलता रहे इसके लिए पूरा अमला जागरूक और जिम्मेदार रहे। कृषि मंत्री कमल पटेल ने राज्य में बोनी की स्थिति की जानकारी लेते हुए समीक्षा की। प्रदेश में धान और उड़द की बोनी का काम 15 अगस्त तक शत प्रतिशत हो जाने की उम्मीद है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कमल पटेल ने फसलों की स्थिति पर चर्चा करने के साथ ही उर्वरक की उपलब्धता एवं अगस्त माह की मांग को लेकर चर्चा की। कमल पटेल ने खाद, बीज और कीटनाशकों के नमूने लेने, प्रयोगशाला जांच के नतीजों की समीक्षा करते हुए गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रदेश में किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है, कृषि मंत्री कमल पटेल ने यहां प्राप्त शिकायतों के निराकरण की भी समीक्षा की, उन्हों

सबकुछ भगवान भरोसे है, इंतजाम के नाम पर तो बकवास है: उमेश तिवारी

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जिला चिकित्सालय में कोरोना की निगरानी नही, मनमानी है   सीधी। टोंको-रोंको-ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने कोरोना वायरस से संक्रमण के फैलाव में नियंत्रण करने में विफल हो रहे सरकारी तंत्र पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों को स्वतः चौकस रहते हुए अपने को सुरक्षित करने का आग्रह किया है। श्री तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही ताली-थाली, घरी-घंट बजवाकर, दिया-बाती जलवाकर देशवासियों को कोरोना से लड़ने के औजार से लैस कर इसारों में बता दिया था कि कोरोना से जंग में भारतीयों को तंत्र-मंत्र-तावीज, ओझा-गुनियाँ-चौरा, टोनें-टोटके और भगवान भरोसे रहना पड़ेगा। प्रधानमंत्री ही है उन्हें अंदर की बात जानकारी में है कोरोना से मुकाबले को जैसी स्वस्थ सुबिधा होनी चाहिए वह हमारे पास है नही। उन्हें ज्ञात था कि हर रोज़ कोरोना मरीज़ों की संख्या बढ़ेगी और उसी के साथ बेड की उपलब्धता घटेगी। टेस्ट होगे मरीज बढेंगे उन्हें बेड और डॉक्टर दोनों की ज़रूरत पड़ेगी लेकिन गांवों में अस्पताल है नहीं सहरो में ना तो जरूरत भर को बेड हैं और ना ही डॉक्टर, बुनियादी चीजें मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध करने ह