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Showing posts from May, 2020

आकाश में शेर को देखिये आज ही: सारिका घारू

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भोपाल। नेशनल पार्क में शेर से साक्षात्कार की इच्छा से की जाने वाली जंगल सफारी लॉकडाउन 4 में भी बंद ही है ऐसे में अपने आंगन या छत से स्काई सफारी कर शेर की आकृति के तारामंडल से साक्षात्कार तो कर ही सकते हैं। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि इस महीने की हर  शाम 7 से 9 के बीच ठीक सिर के उपर आकाश में सिहं या लियो तारामंडल के दर्शन किये जा सकते हैं। सारिका ने बताया कि हमारे पूर्व खगोलविदे ने आकाश में तारों के समूह की स्थाई संरचना की कल्पना किसी जीव या वस्तु से कर उन्हे 12 राशि तारामंडल का नाम दिया। भारतीय खगोलविदें ने राशि तारामंडल में स्थित कुछ तारों को 27 नक्षत्रों का नाम दिया। 12 राशि तारामंडल में से पांचवा तारामंडल सिंह या लियो  इस समय शाम को दिखाई दे रहा है। इस तारामंडल के दक्षिण भाग वाले दो तारे काल्पनिक सिंह के पैर तथा पूंछ का सिरा हैं। उत्तर भाग वाले दो तारों से सिंह की पीठ की कल्पना की गई थी। सिंह के गर्दन को बनाने वाले तारे भी देखे जा सकेगे। इस तारामंडल में मघा, पूर्वा फाल्गुनी तथा उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र को भी पहचाना जा सकता है। आकाश में उडऩे वाले पक्

सहकारिता के सरगना पर मेहरबानी बरकरार

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भ्रष्टाचार के बादशाह बने नीखरा के करतूतों पर पर्दा, सीएम से पीएम तक बेबस भोपाल। बिन सहकार नहीं उद्धार की मूल भावना के साथ प्रदेश में व्यापक रुप से शुरु किये गये सहकारिता आंदोलन को कुछ सालों से विभागीय अफसरों और राजनेताओं ने ऐसा चारागाह बनाया कि उसके मायने ही बदल गये हैं। मध्यप्रदेश में सहकारिता की रीढ़ टूट सी गई है। दरअसल इसके पीछे इसके क्रियान्वयन का मुख्य रुप से जिम्मा संभालने वाले मप्र राज्य सहकारी बैंक मर्यादित भोपाल (अपेक्स बैंक) में पदस्थ अफसरों एवं सहकारिता विभाग के अफसरों के भ्रष्टाचारी जुगलबंदी है। अपेक्स बैंक में प्रबंध संचालक का जिम्मा संभालने वाले अफसरों ने इसमें भ्रष्टाचार की ऐसी इमारत खड़ी की कि इससे उबारने में सदियों लगेंगे। अपेक्स बैंक के वर्तमान प्रभारी प्रबंध संचालक प्रदीप नीखरा के  कारनामें भी कुछ इसी तरह है। बड़ी बात यह है कि पूर्व में भाजपा सरकार ने जिस प्रदीप नीखरा को पीएमओं में शिकायत के बाद हटाया था, कांगे्रस सरकार आने के बाद उसी भ्रष्टाचारी नीखरा को फिर से प्रभारी प्रबंध संचालक बना दिया गया है। अब सरकार बदलने पर एक बार फिर उनकी विदाई की तैयारी शुरु हो गई है।

प्रतिभा श्रीवास्तव की कविता-माँ

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माँ क्या हुआ.... जो माँ के साथ, एक भी तस्वीर नही.... पर हाँ! यादें बहुत हैं..... कहोगे तो, यादों की पोटली से... कुछ जीवित, तस्वीर निकाल लाऊंगी... कभी चोटी बनाती... कभी रोटी बनाती.... कभी डांटती हुई... मुझे पकड़ती..... बहुत स्मृतियां है, जो रह-रहकर, द्रविड़ कर रही.... क्या फर्क पड़ता हैं.... तस्वीर हो ना हो.... माँ तो है ना!!!! प्ररतिभा श्रीवास्तव "अंश"    

रीवा और शहडोल संभाग के कई छात्र-मजदूर परेशान

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भोपाल। रीवा तथा शहडोल संभाग के परेशान कई छात्र-मजदूर भोपाल में लॉकडाउन के कारण फंसे हुए है। अब उनके पास खाने-पीने तथा जरुरत का सामान भी नहीं है, जिससे बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ के घर में परेशानी है, कुछ का स्वस्थ्य खराब है जिस कारण से सभी को घर पहुंचाना अति आवश्यक हो गया है। यह कहना है प्रदेश कांग्रेस के महासचिव पवन कुमार पटेल का। श्री पटेल ने कहा कि हमारे द्वारा पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री, रेल मंत्री, कलेक्टर भोपाल को जानकारी भेज कर कहा है कि रेवांचल एक्सप्रेस को एक दिन के लिए चलाया जाय या बस की व्यवस्था की जाय। जब तक किसी तरह की व्यवस्था नहीं होती है तब तक कम से कम हमने जो सूची सौंपी है उन लोगों के खाने की व्यवस्था की जाय लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ है। इसी सम्बन्ध में दोपहर 12.45 बजे एक ज़ूम विडियो मीटिंग का आयोजन रखा गया, जिसमें सैकड़ों परेशान छात्रों, जनता ने भाग लिया। इसमे मुख्यमंत्री, कलेक्टर भोपाल को बार-बार शामिल होने का निवेदन किया था लेकिन उनकी तरफ से न ही कोई जबाब आया और न ही उनका कोई प्रतिनिधि शामिल हुआ। उक्त मीटिंग में प्रमुख रूप से राज्य सभा सांसद राजम

भारत में 2 करोड़ बच्चे पैदा होंगे, चीन दूसरे स्थान पर

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अनुमान: यूनिसेफ की ग्लोबल रिपोर्ट में दावा, स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा नई दिल्ली। इस साल भारत में मार्च से दिसंबर के बीच सबसे अधिक 2 करोड़ बच्चे पैदा हो सकते हैं। यह अनुमान यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रन्स फंड यानि यूनिसेफ ने 10 मई को आने वाले मदर्स डे से पहले लगाया है। यूनिसेफ के मुताबिक, 11 मार्च से 16 दिसंबर के बीच दुनियाभर में कुल 11 करोड़ 60 लाख बच्चों के पैदा होने का अनुमान है। इसमें अकेले भारत में 2.1 करोड़, जबकि चीन में 1.35 करोड़ बच्चे जन्म लेंगे। वहीं, नाइजीरिया में 60.4 लाख, पाकिस्तान में 50 लाख और इंडोनेशिया में 40 लाख बच्चे पैदा होंगे। अमेरिका बच्चों के जन्म की अनुमानित संख्या के मामले में छठे स्थान पर हो सकता है। यहां इस दौरान 30 लाख से ज्यादा बच्चों के पैदा होने का अनुमान है। यूनिसेफ के अनुसार, उनकी समीक्षा का आधार संयुक्त राष्ट्र की वल्र्ड पॉपुलेशन डिवीजन 2019 की रिपोर्ट है। एक औसत गर्भावस्था आमतौर पर पूरे 9 महीने या 40 सप्ताह तक रहती है। ऐसे में बच्चों के पैदा होने का आकलन करने के लिए संस्था ने इसे ही पैमाना बनाया। गर्भवती महिलाओं की परेशानी बढ़ेगी यूनिसेफ की एग्जीक्यूटि

कोरोना के संक्रमणकाल में ऑनलाइन क्लासेस और स्कूलों की होड़

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ओमिता पार्थोदास एक तरफ स्कूल बंद होने पर भी पढ़ाई हो रही है तो दूसरी तरफ बच्चों को चार से पांच घंटे मोबाइल लेकर बैठना पड़ता है। वैसे तो कहा जाता है कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखें लेकिन अभी बच्चे को पढ़ाई के लिए ही मोबाइल इस्तेमाल करना पड़ रहा है। उसके बाद वो टीवी भी देखता है तो उसका स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। इसका बच्चे की सेहत पर क्या असर होगा। आजकल माता-पिता कुछ ऐसी ही दुविधा से दो-चार हो रहे हैं। बच्चे को पढ़ाना भी जरूरी है लेकिन उसकी सेहत भी अपनी जगह अहम है। साथ ही बच्चा कितना समझ पा रहा है ये भी देखना जरूरी है। दरअसल, कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते मार्च से ही स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि स्कूल कब से खुलेंगे और नया सिलेबस कब शुरू हो पाएगा। फिर एक बात ये है कि अभी कोई नहीं जानता कि स्कूल कब खुलने वाले हैं। अगर इसमें बहुत देरी होती है तो आगे चलकर बच्चों पर ही स्लेबस पूरा करने का दबाव आएगा। ऐसे में उनकी मुश्किल बढ़ जाएगी। इससे अच्छा है कि थोड़ा-थोड़ा करके अभी से ही आगे बढ़ें। बच्चे के ऊपर इतना दबाव डालने की जरूरत नहीं है। वैसे भी जब स्कूल बंद हुए थे तो प

जानकारी लेकर हाजिर नहीं हुए  अधिकारी तो सूचना आयोग जारी करेगा जमानती वारंट

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भोपाल। मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार सूचना के अधिकार कानून के तहत अधिकारी के विरुद्ध जमानती वारंट जारी करने का नोटिस सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने जारी किया है। मामला रीवा जिले के जनपद पंचायत नईगढ़ी के ग्राम पंचायत जोरौट में निर्माण कार्य की जानकारी का है। 2017 में इसके लिए जानकारी मांगी गई थी। 30 दिन में मिलने वाली जानकारी पर जिम्मेदार अधिकारी 3 साल तक बैठे रहे। ना ही लोक सूचना अधिकारी ने इसका कोई जवाब दिया नाही प्रथम अपीलीय अधिकारी ने इस मामले में कोई सुनवाई की। जब मामला सुनवाई के लिए राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह के पास पहुँचा तो भी इस मामले में आदेश के बावजूद जनपद के लोक सूचना अधिकारी दिलीप सिंह केवट आयोग के समक्ष  26 अप्रैल   2019 को हाज़िर नही हुए। राज्य सूचना आयुक्त ने अधिकारी को एक और मौका देते हुए ज़ुर्माने का कारण बताओ नोटिस जारी कर अधिकारी को सुनवाई के लिए  5 मार्च 2020 को हाज़िर होने के आदेश दिए गए। लेकिन अधिकारी दूसरी बार भी सुनवाई से गायब रहे और कोई जवाब भी नही भेजा। इसके बाद सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने केवट के ऊपर  10000 का ज़ुर्माना भी लगा दिया। साथ ही अधिकारी को व्यक्तिग

जरूरतमंदों एवं कोरोना वारियर्स की सेवा में जुटा आदिवासी सेवा मंडल

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ड्यूटी मे लगे पुलिसकर्मियों एवं नगर निगम कर्मियों को सेनेटाइजर, हैंड ग्लब्स एवं मास्क भी बॉटा जा रहा  भोपाल। कोरोना महामारी के प्रकोप से लाॅक डाॅउन की स्थिति में रोज कमाने खाने वालों की भोजन व्यवस्था में होने वाली परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए गरीब और बेसहारा वर्ग के लोगों को खाने की सामग्री और खाने के पैकेट बीते कुछ दिनों से आदिवासी सेवा मंडल एवं ट्राइबल सोशल वेलफ़ेयर फ़ाउंडेशन द्वारा निरंतर उपलब्ध कराए जा रहे है। साथ ही ड्यूटी मे लगे पुलिसकर्मियों एवं नगर निगम कर्मियों को सेनेटाइजर, हैंड ग्लब्स एवं मास्क भी बॉटा जा रहा है। इसी क्रम मे बागसेवनिया झुग्गी बस्ती एवं एम्स के पास, बाग़ मुगालियॉ झुग्गी बस्ती, गॉधी नगर गोंड बस्ती, अयोध्या नगर झुग्गी बस्ती, झील नगर नरेला शंकरी, गोविंदापुरा झुग्गी बस्ती, बराई कटारा  हिल्स, सेमनिया ओमकार अरहेडी, अरहेडी क्रेशर लेबर कॉलोनी आदि जगहों पर लगभग पॉच सौ से ज़्यादा मजदूरों को राशन  बांटा गया है और चार हज़ार से ज़्यादा भोजन पैकेट बॉटे जा चुके है। खाद्य सामग्री में पॉच किलो आटा, एक-एक किलो आलू प्याज़ और तेल, हल्दी, धनिया, नमक राशन के तौर पर बॉटा जा रहा