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Showing posts from September, 2019

गरबा : बाजारवाद का साधन नहीं, साधना का मर्म बनाएं

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संदीप सिंह गहरवार आज से नारी के शक्ति स्वरुप मां दुर्गा की आराधना का पर्व शारदेय नवरात्रि प्रारंभ हो रहा है।पूरे देश में आराधना के इस महापर्व को लेकर जोरों से तैयारियां चल रही हैं या पूर्ण हो गई हैं। इस बार बारिश के चलते जरुर थोड़ा तैयारियों में व्यवधान आ रहा है। बारिश की वजह से कहीं झांकी बनाने में परेशानी आ रही है तो कहीं मूर्तियों का आकार पूर्ण करने में थोड़ी दिक्कत हुई है। इसके बाद भी सभी इस प्रयास में हैं कि आज तक सभी तैयारी पूर्ण हो जाय। शारदेय नवरात्रि के प्रारंभ होते ही शहरों और कस्बों में देवी आराधना के नाम पर गरबा करने का चलन इन दिनों आम हो गया है। अब तो ऐसा प्रतीत होने लगा है कि भारतीय धर्म और दर्शन में मां दूर्गा की अराधना का यह पर्व भक्ति से ज्यादा उपभोक्तावाद की प्रतिस्पर्धा में शुमार हो गया है। सात साल से लेकर सत्तर साल तक की उम्र के प्रतिभागी इन गरबा के आयोजनों में भागीदारी करते देखे जाते हैं। देश के गुजरात राज्य से प्रारंभ हुआ देवी की अराधना का यह पर्व आजकल अराधना की जगह पूरी तरह नारी देह का प्रदर्शन के साथ-साथ श्रंगाररुपी प्रतिस्पर्धा का विकट रस्वरुप बन चुका है। बिडंब

नक्सली समस्याओं को लेकर गृह मंत्री शाह से मिली राज्यपाल उईके

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नई दिल्ली । गृहमंत्री अमित शाह से गृह मंत्रालय, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसूईया उइके द्वारा राज्यपाल पद की शपथ लेने के पश्चात् शिष्टाचार भेंट कर उन्हे धन्यवाद ज्ञापित किया गया। साथ ही राज्यपाल महोदया द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा 370, 35ए हटाने एवं तीन तलाक के बिल को पारित कराने के  ऐेतिहासिक फैसले पर उन्हे बधाई दी। इसके साथ ही साथ छत्तीसगढ़ में नक्सवाद की समस्या पर चर्चा की, जिस पर गृहमंत्री द्वारा आश्वस्त किया गया कि नक्सलवाद की समस्या के निराकरण हेतु गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एक कार्ययोजना बनाई गयी है, जिसको शीघ्र ही राज्य सरकार को भेजेंगे और गृह मंत्रालय के अधिकारी छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे। इसके साथ ही साथ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल होने के नाते आपको भी अवगत कराया जायेगा। इस कार्ययोजना का क्रियांवयन शीघ्र एवं प्रभावी तरीके से पालन हो इस पर आप विशेष ध्यान दें। गृहमंत्री जी द्वारा छत्तीसगढ़ की जनता की समस्याओं के समाधान करने की दिशा में प्रयास करने के लिए कहा और अपनी शुभकामनाएं दीं।

सामाजिक धरोहरों को सहेज रहे है कविता पोस्टर : अग्रवाल

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सामाजिक-सांस्कृतिक-साहित्यिक मुहिम 'आवाज़-कविता पोस्टर' के अंक 27 का अनावरण गुना। शहीद भगतसिंह यादगार मंच की वैकल्पिक सामाजिक-सांस्कृतिक-साहित्यिक मुहिम 'आवाज़-कविता पोस्टर' के अंक 27 का अनावरण ओमप्रकाश अग्रवाल पूर्व कुलपति, जीवाजी विश्वविद्यालय ने प्रेम फोटोकॉपी हनुमान चौराहा पर किया। अनावरण कार्यक्रम की शरुआत शहीद-ए-आजम़ भगतसिंह के चित्र पर फूल चढ़ाकर कर की गयी, साथ ही शहीद भगतसिंह जयंती पखवाड़ा भी शुरू हुआ। अनावरण करते हुये ओमप्रकाश अग्रवाल ने कविता पोस्ट मुहिम की प्रशंसा की व बताया कि कविता पोस्टर की हर एक कविता एक सामाजिक सन्देश देने के साथ ही, सम्वेदनाओं को बचाने का काम करती है। कविता पोस्टर सामाजिक धरोहरों को सहेज रहे है। प्रेम फोटोकॉपी के संचालक अमरसिंह जाट ने मंच को उनके प्रतिष्ठान को कविता पोस्टर मुहिम में शामिल करने के लिये धन्यवाद दिया। समाजसेवी वर्धमान जैन ने बात रखते हुये कहा कि उनके लिये खुशी की बात रही है कि अंक 5 का अनावरण उनके प्रतिष्ठान पारस मेडिकल पर किया गया। आगे उन्होंने कहा कि सभ्यता की आवाज़ है कविता पोस्टर। कविता पोस्टर संयोजक लोकेश शर्मा ने बताय

एक आम आदमी का जननायक बन जाना

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स्मरण श्रीयुत/जयराम शुक्ल श्रीनिवास तिवारी रीवा से लेकर भोपाल दिल्ली तक यथार्थ से ज्यादा किवंदंती के जरिए जाने गए। दंतकथाएं और किवंदंतियां ही साधारण आदमी को लोकनायक बनाती हैं। विंध्य के छोटे दायरे में ही सही तिवारीजी लोकनायक बनकर उभरे और रहे। मैंने अबतक दूसरे ऐसे किसी नेता को नहीं जाना जिनको लेकर इतने नारे,गीत-कविताएं गढ़ी गईं हों। सच्चे-झूठे किस्से चौपालों और चौगड्डों पर चले हों। आज उनके जन्मदिन पर समूचा विंध्य भावुकता के साथ उनको याद कर रहा है।  राजनीति उनके रगों में थी या यूँ कहें कि उनका राजनीति जुडाव जल व मीन की भांति रहा। वे अच्छे से जानते थे कि इसे कैसे प्रवहमान बनाए रखा जाए। वे जितने चुनाव जीते लगभग उतने ही हारे लेकिन उन्होंने खुद को हारजीत के ऊपर बनाए रखा। कविवर सुमन की ये कविता- क्या हार में क्या जीत में किंचित नहीं भयभीत मैं, संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही..अटल बिहारी वाजपेयी की जुबान से निकलने के पहले उनकी जुबान से सन् 1985 में तब निकली थी जब अर्जुन सिंह ने उनकी टिकट काट दी थी। लोगों याद होगा, अमहिया में 20 से 25 हजार समर्थकों की भीड़ उन पर यह दवाब बनाने के लिए

गतिशील और समृद्ध मप्र के लिए नए नजरिए और दृष्टिकोण की आवश्यकता : कमलनाथ

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मुख्यमंत्री नेे बताया प्रदेश के विकास का रोड मैप, युवाओं को रोजगार मिले, कृषि क्षेत्र मजबूत हो ऐसे विकास को प्रोत्साहन भोपाल । मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि उभरता हुआ, गतिशील, समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के लिए वे नए नजरिए और दृष्टिकोण से काम कर रहे हैं। मेरा विजन है कि हम मध्यप्रेदश में ऐसे विकास को प्रोत्साहित करें जो युवाओं को रोजगार दें, कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करें और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दें। श्री नाथ एक निजी चैनल के प्रगति पथ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।मुख्यमंत्री कमल नाथ ने छिंदवाड़ा के विकास मॉडल के साथ भविष्य के मध्यप्रदेश का नक्शा कैसा होगा, इस पर विस्तार से अपनी योजनाओं को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए स्किल डेव्हलपमेंट महज रस्म अदायगी नहीं मैं स्किल डेव्हलपमेंट का मुल्यांकन इस बात से करता हूँ कि वह स्किल्ड लोगों को कितना रोजगार देती है और कैसा रोजगार देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे रोजगार की बात करते है तो उनके जहन में एमए, बीए या सिर्फ बीई शिक्षित लोगों को रोजगार देने की बात नहीं होती है बल्कि वह उन लोगों के बारे में भी सों

अंधी रेहड़ के काने गड़रिये

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प्रशंगवश -जयराम शुक्ल घर से निकलते ही काना दिख जाए तो उसे बड़ा अशुभ मानते थेे।लोग रास्ता बदल देते थे या यात्रा रद्द कर देते थे। उन दिनों गाँवों में ऐसे टोटकों का रिवाज था।(टीवी चैनल तो इसे और पुख्ता करने में जुटे हैं) पढे़ लिखे लोग भी झांसे में आ जाते थे। लोगों को याद होगा कि एक बार एक बड़े नेताजी चुनाव का पर्चा दाखिल करने जा रहे थे तो उनके कार के आगे से एक काली बिल्ली गुजर गई। काफिला वहीं रुक गया। काफिले में मुहूर्त निकालने वाले ज्योतिषी, स्वस्ति वाचक पंडित, तांत्रिक भी वैसे ही शामिल थे जैसे कि कानूनी पेंच जानने वाले वकील और प्रस्तावक,समर्थक। राय बनी कि इस अशुभ का उपचार ह़ो। फिर चूंकि वक्त कम था इसलिए एक तरफ पर्चा भरा जा रहा था तो दूसरी तरफ काली हांडी,काली उडद का तांत्रिक उपचार।  मुझे तब भी ये फालतू की बातें लगती थीं और आज भी लगती हैं। पर ये जरूर सोचा करता था कि यदि ये रिवाज सालों साल से चले आ रहे हैं तो इसमें कोई न कोई गूढ अर्थ जरूर छुपा होगा। हमारे पुरखे इतने मूर्ख तो नहीं ही होंगे कि बेमतलब का कोई कर्मकांड रच दें। दरअसल जब कोई कर्म अपने अर्थ खो देता है तो वह कांड में बदल जाता है।

वरिष्ठ साहित्यकार मधु सक्सेना का व्यंग्य-कथा

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व्यंग्य........…|| कथा ||  मधु सक्सेना/रायपुर एक बार की बात है .....नेमिषयारण्य में संतों का समागम हुआ।दूर दूर से सन्त और उनके चेले -चपाटे वहां एकत्रित हुए। उचित समय जानकर कुछ दुखी सुंदरियों ने आपस में सलाह करके एकत्रित होकर , जिनमे कई विभागों के अधिकारियों की और बड़े व्यपारियों की पत्नियां शामिल थी, सूत जी से अपनी समस्या कही कि - " हे प्रभु! हम स्त्रियां घर मे रहकर ऊब जाती है । हमारे पतियों को हमारे लिए समय नही....कभी आफिस तो कभी साइड पर । कभी मंत्री का दौरा तो कभी बड़े अफसरों का आगमन । हम बेचारी घर मे पड़ी पड़ी दुखी रहती है और ऊब जाती है तो तनाव होता है .. तो कोई ऐसा उपाय बताएं कि हम सब सुखी हो, खुश रहें । सूत जी ने आशीर्वाद दिया । वे सुमुखियाँ पुनः कहने लगी - "हे महात्मन ...... पति की खुशी और लम्बी उम्र के लिए तो बहुत उपाय, व्रत, उपवास पूजन इत्यादि है पर हम स्त्रियों की खुशी के लिए कोई व्रत, उपवास, पूजन अनुष्ठान आदि कोई कुछ करता भी नही और कुछ है भी नही । अतः हे ऋषिवर हमे राह सुझाइए।" सूत जी ने गम्भीरता से चिन्तन किया।अन्य ऋषियों से सलाह ली । काग भुषण्ड जी को भी बुला भेज

राजधानी में पहली बार कॉलोनी के शिक्षकों का सम्मान

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भोपाल । भगवान श्री गणेश बुद्धि के देवता है। कितना अद्भुत संयोग है कि जिस समय पृथ्वी पर भक्त जगह-जगह मन्दिरों में बुद्धि के देवता की भक्ति में लिप्त है। उसी समय ऐसे ही समय में हमारे बच्चों को अपने ज्ञान के प्रकाश से रोशन करने वाले शिक्षकों के सम्मान का दिवस भी साथ-साथ है। चूंकि 5 सितम्बर को हमारे देश के कर्मठ व महान नेता व  भूतपूर्व राष्ट्रपति का डाक्टर सर्वपल्ली राधकृष्णन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में हर वर्ष मनाया जाता है। इसी महान उद्देश्य को लेकर श्री सिद्धेश्वर महादेव मन्दिर जवाहर समिति 9 ए साकेत नगर में शिक्षकों का सम्मान टीका, श्रीफल, पुष्प गुच्छ, उपहार व स्वल्पाहार द्वारा किया गया। इस उपलक्ष्य में बच्चो ने टीचर बनकर विभिन्न रोचक हास्य नाटक, नृत्य नाटिका व भाषण का मंचन किया जिसे उपस्थित सभी लोगो ने खूब सराहा।

शिक्षक दिवस पर बेटियों से कटवाया केक, बच्चों ने ली शपथ

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-लाईफ लाइन स्कूल में टीचर्स डे का प्रोग्राम मनाया गया संत नगर । लाईफ लाइन स्कूल में टीचर्स डे का प्रोग्राम बडे उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया गया। सभी बच्चो ने अपनी अपनी कक्षाओ की सफाई कर कक्षाओ को सजाया एवं टीचर्स ने आराम किया। विधार्थियों ने टीचर्स की भूमिका अदा कर कक्षाओ में पढाया। प्राचार्य श्रीमती किरण वाधवानी ने कक्षाओ में जाकर जजमेंट किया। जिसमे 8 कक्षाए अव्वल रही। सभी कक्षाओ में टीचर्स की उपस्थिति में डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया। वही स्वच्छता को ध्यान मेें रखकर बच्चो को शपथ दिलवाई कि वे स्वच्छता पर ध्यान रखे। पालिथीन प्रयोग न करे कपडे की थेली इस्तेमाल करेगे एवं कचरा सडक पर न फेंकेगे। बच्चो ने शपथ ली एवं इस अवसर पर शिक्षिकाए उपस्थित थी।      

संध्या मिश्रा की कविता- व्यथा-कथा

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व्यथा-कथा व्यथाओं की कथाएं बहुत लम्बी है सच है कथाएं तो लंबी ही होती है भले से व्यथाओं की हों व्यथाएं की भी श्रेणी होती है ये तब महसूस हुआ जब व्यथाएं कथाएं बनने लगी और इन कथाओं का सबसे दुखद पहलु ये कि ये व्यथा कथाये सदा अनकही ही रह जाती  किसी कथा के लिए भी ये कितना कष्टकारी कि वो कथनीय न हो सके  क्यों कभी समय नहीं जीवन की औचक आपाधापी में कभी मौका नहीं तो कभी स्थिति नहीं कभी कोई परिस्थिति नहीं दुनियां भर के ढेरों काम निरी औपचारिकतायें व्यर्थ गाल बजाऊ इसकी उसकी  गली की मोहल्ले की देश विदेश की  निरंतर खोखली चर्चाएँ बहस आग उगलते खौलते कढाह से निकलते अंगारों से वजनी शब्द जाने कंहा से मुहँ खोलते ही गिरने लगते पटर-पटर बस आत्मा की आह पर बात नहीं  ऐसा नहीं कि बात व्यथा की ज़माने से करनी हो खुद की व्यथा पर खुद से ही बात नहीं कभी नहीं  क्यों  वही समय नहीं हौंसला नहीं बस सीने में धडकनों की जगह भी भय ने छीन ली डर बस एक अनजाना डर धडकने लगता है दिल में पता नहीं क्यों कोशिशो के बाद भी शब्द ही नहीं मिलते गहन व्यथाओ की कथाओं पर चर्चा को  लब खुलें भी तो बस सिसकियों के लिए पलके उठी भी तो बस आँसुओ को छिपान

दिग्विजय सिंह की मुखालफत भाजपा का फायदा

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भोपाल। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद  रामेश्वर नीखरा का कहना है कि हाल ही में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस के पूर्व महासचिव दिग्विजय सिंह ने भाजपा और बजरंगदल पर यह आरोप लगाया था कि उसके लोग पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से धन लेकर देश में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लगे हुए हैं। भाजपा आईटी सेल के अध्यक्ष सहित 11 लागों को शिवराज सिंह की सरकार ने गिरफ्तार भी किया था। बाद में उन्हें उच्चस्तरीय राजनीतिक दबाव के चलते रिहा कर दिया गया था। अब कमलनाथ सरकार ने उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया है। नीखरा ने कहा है कि जो लोग अपने को चरम राष्ट्रवादी होने का ढिंढोरा पीट रहे हैं, यही लोग ऐसे तत्वों को प्रश्रय दिये हुए हैं, जो रष्ट्रविरोधी कामों में लगकर देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसे याद रखा जाना चाहिये कि भाजपा और उसके आनुषांगिक संगठनों की सांप्रदायिकता और देश विरोधी गतिविधियों पर कांग्रेस की ओर से लगातार हमला करने वाले एकमात्र राजनेता दिग्विजय सिंह ही हैं। इसलिये वे संघ और भाजपा के निशाने पर रहते हैं।  कांग्रेस नेेता नीखरा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान ने द

दिग्विजय तो अपने नेता राहुल की लाइन को ही तो बढ़ा रहे !

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समसामयिक गोविंद मालू मौलाना दिग्विजय सिंह अपने हिन्दू और राष्ट्रवाद विरोधी बयानों के कारण ही हमेशा सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। वोट बैंक के लिए यह उनकी निर्लज्जता की पराकाष्ठा है। उनकी जुबान तब क्यों नहीं खुलती, जब पाकिस्तान में 400 साल पुराना गुरुद्वारा तोड़ दिया जाता है, वहाँ के मंदिरों ध्वस्त किया जाता है और अल्पसंख्यक सिख ग्रंथी की बेटी को अगवा कर उसे धर्म बदलकर निकाह के लिए मजबूर किया जाता है! दिग्विजय सिंह को अपने आरोपों पर प्रमाण देना चाहिए! हमारे पास तो सिलसिलेवार ढेरों प्रमाण है कि वे और उनकी पार्टी आतंकियों को एक मज़हब के दायरे में रखकर उनका बचाव करती रही है।    दिग्विजय सिंह ऐसा इसलिए कर रहे हैं कि उनके नेता भी इसी लाइन पर हैं! राहुल गाँधी ने 8 मार्च 2013 को अमेरिकी राजदूत से मुलाकात में कहा था कि इस्लामी चरमपंथ की तुलना में भारत में हिंदू चरमपंथ ज्यादा घातक है। इसी से लगता है राहुल ने अपने नेताओं को क्या संदेश दिया था, जो वे आजतक इसी राग को अलाप रहे हैं। लगता है यही कांग्रेस की अधिकृत लाइन भी है। ऐसे ढेरों प्रमाण है जो कांग्रेस ने देश की सुरक्षा से समझौते करके वोटबैंक

उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुटे साहित्यकार

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हिंदी को वैश्विक स्तर पर एक सूत्र में लाने का प्रयास ताशकंद ।  विश्व मैत्री मंच द्वारा उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद के ग्रैंड प्लाज़ा सभागार में भारत, अमेरिका तथा उज्बेकिस्तान देशों से आए 32 साहित्यकारों ने साहित्य के विभिन्न विषयों पर चर्चा विमर्श कर हिंदी को वैश्विक स्तर पर एक सूत्र में लाने का प्रयास किया। विदेशी धरती पर माँ सरस्वती की फोटो पर माल्यार्पण बिजली के दीपों एवं अनिता राज द्वारा सरस्वती वंदना की नृत्यमय प्रस्तुति से सभागार जगमगा उठा। उद्घाटन सत्र में मुंबई से आई लक्ष्मी यादव के कथा संग्रह रिश्तो की जंजीर, ज्योति गजभिए के कथा संग्रह बिन मुखौटे के दुनिया, सविता चड्डा के लेख संग्रह पांव जमीन पर निगाह आसमान पर, साधना वैद के लघुकथा संग्रह तीन अध्याय, डॉ यास्मीन खान के कविता संग्रह संवेदना के स्वर तथा अनिता राज की यात्रा संस्मरण की पुस्तक का लोकार्पण संस्था अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव, कार्यक्रम  अध्यक्ष डॉ विद्या सिंह, मुख्य अतिथि डॉ स्वामी विजयानंद तथा विशिष्ट अतिथि डॉ सुभाष कुमार पांडेय और विजय कांत वर्मा के कर कमलों द्वारा हुआ। मुंबई से आई  प्रभा शर्मा सागर ने "पानी क

शरद विद्या मंदिर में ईको-फ्रेंडली गणेश जी की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

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भोपाल। शारदा विद्या मंदिर बरखेड़ी कलां भोपाल के सीनियर सेकेंडरी स्कूल परिसर में ईको-फ्रेंडली गणेश जी की प्रतिमा बनाने की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन गजानन फाउंडेशन की कुमारी प्रियंका वर्मा के द्वारा किया गया। कार्यशाला में शारदा विद्या मंदिर के छात्रों को पर्यावरण की रक्षा का संकल्प दिलाते हुए मिट्टी के गणेश भगवान की प्रतिमा बनाना सिखाया गया। कार्यशाला में सभी विद्यार्थियों ने बहुत ही सुन्दर मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमा बनाई और खुशी - खुशी अपने घर ले गए। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती शिफाली गौतम ने इस कार्यशाला की सरहाना की और विद्यार्थियों को घर पर मिट्टी के गणेश जी स्तापित करने के लिए प्रोत्साहित किया।