छुट्टी के दिन भी विधानसभा सत्र जारी रखना सरकार का ऐतिहासिक निर्णय: शोभा


जनहित को ध्यान में रखते हुए विधानसभा की बैठकें 20 एवं 21 जुलाई को भी होंगी

भोपाल । मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने प्रदेश की कमलनाथ सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति की 8 जुलाई को संपन्न हुई बैठक की सिफारिशों को 9 जुलाई को सदन ने मंजूरी प्रदान की। जिसमें कमलनाथ सरकार का वह ऐतिहासिक निर्णय भी शामिल है, जिसमें छुट्टी के दिनों में भी जनहित का ध्यान रखते हुए विधानसभा की बैठकें आयोजित करने का फैसला लिया गया है।
श्रीमती ओझा ने कहा कि सदन ने कार्यमंत्रणा समिति की सिफारिश को मंजूरी प्रदान करते हुए निर्णय लिया कि विधानसभा की जो बैठकें 15 एवं 16 जुलाई को होना निर्धारित की गई थीं, वे बैठकें अब शनिवार 20 जुलाई और रविवार 21 जुलाई को संपन्न होंगी। यह कमलनाथ सरकार का ऐतिहासिक फैसला है। इस निर्णय से यह भी साफ हो गया है कि कमलनाथ सरकार विधानसभा का सत्र चलाने व संवाद के साथ-साथ सकारात्मक और रचनात्मक सुझावों का चर्चा के जरिये न केवल स्वागत करती है, बल्कि संवाद के लिए अवसर भी प्रदान करती है। ओझा ने कहा कि कांग्रेस ही वह पार्टी है, जो छुट्टी के दिन विधानसभा का सत्र चलाने का कार्य करने की मंशा रखती आई है। यहां यह उल्लेखनीय है कि अप्रैल 1982 में जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, उस समय भी छुट्टी के दिन विधानसभा की बैठक हुई थी और उसमें जनहित के कार्यों पर चर्चा के साथ ही महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये थे। ओझा ने कहा कि जनहित को लेकर कांग्रेस पार्टी की पवित्र मंशा को दर्शाने वाले इस जनहितैषी निर्णय के ठीक उलट, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार सदन को चलाने में विश्वास नहीं रखती थी, तभी तो प्रदेश की जनता ने, उन्हें प्रतिपक्ष की भूमिका में पहुंचा दिया है और कांग्रेस पार्टी को माननीय कमलनाथ के नेतृत्व में सत्तापक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। ओझा ने कहा कि कांग्रेस सरकार का यह निर्णय संसदीय पद्धति और प्रक्रिया के अंतर्गत लिया गया है। यह कार्य जहां संसदीय परंपरा और नियमों को नई ऊंचाई प्रदान करेगा, वहीं यह लोकतंत्र की मजबूती के लिए लिया गया एक सुखद फैसला भी है।


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