मोदी की नाराजगी के बाद आकाश को शो कॉज नोटिस की रस्म अदायगी


विजयवर्गीय ने पिछले हफ्ते नगर निगम के अधिकारी के साथ की थी मारपीट


भोपाल । भाजपा की अनुशासनात्मक समिति ने गुरुवार को विधायक आकाश विजयवर्गीय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आकाश विजयवर्गीय ने पिछले हफ्ते एक नगर निगम के अधिकारी के साथ मारपीट की थी और इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। आकाश के इस कृत्य पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नाराजगी जताई थी।
आकाश विजयवर्गीय भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं। कैलाश विजयवर्गीय की बदौलत ही बीजेपी ने लोकसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में 18 सीटें हासिल की है जिस कारण पार्टी में उनका कद काफी ऊंचा हो गया है। हालांकि, भाजपा संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने आकाश विजयवर्गीय का नाम लिए बिना कड़े शब्दों में कहा था कि 'चाहे कोई भी हो, किसी का भी बेटा हो.. इस तरह के अहंकार, दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।' मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि ऐसे आचरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। मनमानी नहीं चलेगी। बता दें कि निगम अधिकारी धीरेंद्र बायस टीम के साथ 26 जून को इंदौर में एक जर्जर मकान ढहाने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उनके क्षेत्र के विधायक आकाश विजयवर्गीय को वहां बुला लिया। आकाश अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और निगम के अमले को कार्रवाई रोकने के लिए कहा। जब अधिकारियों ने आकाश की बात नहीं मानी तो उन्होंने अधिकारी की बैट से पिटाई कर दी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस ने आकाश को गिरफ्तार कर उसी दिन इंदौर कोर्ट में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने आकाश की जमानत खारिज करते हुए उन्हें 14 दिनों की ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया। साथ ही यह भी कहा कि चूंकि ये मामला विधायक से जुड़ा है लिहाजा इसकी सुनवाई करना उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है। इस मामले की सुनवाई विधायक व सांसदों के लिए बनाई गई स्पेशल कोर्ट में की जाए। भोपाल की स्पेशल कोर्ट से आकाश को 29 जून को उन्हें जमानत मिल गई थी।


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