कमलनाथ सरकार ने आदिवासियों के हित में लिए, अनेक जनहितैषी फैसले: शोभा


भोपाल । मप्र कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने अपने बयान में कहा कि 9 अगस्त को, विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर, प्रदेश में 'ऐच्छिक' अवकाश की जगह 'सार्वजनिक' अवकाश घोषित कर, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फिर ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में रह रहे, उसके मूल निवासियों को, उनका वास्तविक सम्मान और हक दिलाने के लिए कांग्रेस सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है, यहां यह भी आश्चर्यजनक है कि हमेशा आदिवासी सम्मान और उत्थान की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली पूर्ववर्ती भाजपा सरकार, अपने डेढ़ दशक के शासन काल के बाद भी आदिवासी सम्मान और उत्थान से जुडे़ फैसलों को लेने में नाकाम रही। श्रीमती ओझा ने कहा कि आदिवासी सम्मान से जुडे़ उपरोक्त फैसले के अतिरिक्त प्रदेश की लोकप्रिय कमलनाथ सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर प्रदेश में आदिवासियों के चैमुखी विकास के लिए वित्तीय समावेशन और साक्षरता अभियान का भी शुभारंभ किया। इस अभियान में आदिवासीजनों की अधिक से अधिक भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए आदिमजाति कल्याण विभाग के साथ ही वन मंत्रालय एवं पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग की टीमें भी परस्पर समन्वय से काम करेंगी। ओझा ने कहा कि यही नहीं, इस अवसर पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा और झाबुआ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में भी शामिल हुए । इन कार्यक्रमों में उत्कृष्ट लोक नर्तक दलों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए, साथ ही आदिवासी कल्याण के लिए प्रदेश भर में चलाये जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर एक सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया ।
श्रीमती ओझा ने आगे बताया कि उपरोक्त कार्यक्रमों के अतिरिक्त विश्व आदिवासी दिवस पर, सभी जिला मुख्यालयों और 89 विकासखण्ड मुख्यालयों में आयोजित विकास कार्यक्रमों में 10वीं एवं 12वीं कक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाले आदिवासी छात्र-छात्राओं को रानी दुर्गावती और शंकर शाह पुरस्कार प्रदान किया गया। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये आदिवासी खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया। प्रतिभा योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं आईआईटी, आईआईएम और एनएलयू में चयनित प्रतिभाशाली आदिवासी छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया। इसके अलावा संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित आदिवासी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय कार्यक्रमों में दुर्लभ आदिवासी वाद्य यंत्रों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम किये गए। स्वतंत्रता आंदोलन में जनजाति समुदाय के योगदान पर केन्द्रित भाषण और निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित कराई गई। ओझा ने कहा कि आदिवासी अस्मिता, सम्मान और उनके उत्थान को दृष्टिगत् रखते हुए उठाये गये कमलनाथ सरकार के उपरोक्त कदमों से जाहिर है कि प्रदेश का आदिवासी समाज अब और अधिक तेजी से प्रगति की ओर अग्रसर होगा और इस राज्य के विकास में भी उसकी भूमिका और सहभागिता, अब और अधिक महत्वपूर्ण होने जा रही है।


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