शिवराज ने, नेहरू को "क्रिमिनल" बता कर, स्वाधीनता संग्राम सेनानियों का किया अपमान, अविलंब माफ़ी मांगें: शोभा


देश के लिए नौ वर्षों तक जेल में रहे नेहरू का अपमान, वो विचारधारा कर रही है, जिसका कोई व्यक्ति, एक दिन के लिए भी जेल नहीं गया                                      


भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में दिया गया, नेहरू को "अपराधी" बताने वाला बयान घोर आपत्तिजनक, निंदनीय व भाजपा और उसके मातृ संगठन आरएसएस की घृणित सोच को दर्शाने वाला है। सभी जानते हैं कि राजनीति के "अपराधीकरण" की शुरुआत आरएसएस ने की थी, जिससे संबंधित इस देश के पहले सबसे बड़े "क्रिमिनल" नाथूराम गोडसे ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी। शिवराज सिंह चौहान के बयान पर उक्त तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्रीमती ओझा ने कहा कि धारा 370 पर बिना तत्कालीन परिस्थितियों को समझे, इस तरह का गैर जिम्मेदाराना बयान केवल संघी विचारधारा के, वे लोग ही दे सकते हैं, जिनका इस देश के संविधान, तिरंगे, स्वाधीनता आंदोलन या राष्ट्रपिता के प्रति, कभी कोई आदरभाव या वास्ता नहीं रहा। श्रीमती ओझा ने कहा कि जो लोग धारा 370 और कश्मीर नीति के लिए नेहरू  को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वही लोग गांधी को, भारत विभाजन के लिए जिम्मेदार ठहराते रहे हैं, जबकि दूसरों पर आरोप लगाने वाली विचारधारा के ये लोग, देश को यह बताना पसंद नहीं करते कि जब देश आजादी की लड़ाई एकजुट होकर लड़ रहा था, तब संघ के लोग न केवल अंग्रेज समर्थक और उनके मुखबिर थे, बल्कि क्रांतिकारी विरोधी भी थे, ये यह नहीं बताते कि ये उसी विचारधारा के लोग हैं, जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन का भी विरोध किया था। श्रीमती ओझा ने आगे कहा कि शिवराज सिंह को देश के सामने यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि देश को आजादी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए 9 वर्षों से भी अधिक समय तक कारावास में रहने वाले, महान स्वाधीनता सेनानी जवाहरलाल नेहरू पर आरोप लगाना, क्या उस विचारधारा के व्यक्ति को शोभा देता है, जिनकी एहसानफरामोश विचारधारा का कोई भी व्यक्ति, स्वाधीनता आंदोलन में एक दिन के भी जेल नहीं गया और जिसके आदर्श श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार करते हुए, उस मुस्लिम लीग के साथ मिलकर बंगाल में सरकार बनाई, जो इस विभाजन केे लिए जिम्मेदार है। श्रीमती ओझा ने आगे कहा कि नेहरू को बताने से पहले, शिवराज सिंह को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए था कि नाथूराम गोडसे से लेकर आज तक, भाजपा के "शीर्ष" नेताओं सहित उसके कितने मंत्री, सांसद और विधायक किस-किस तरह के और कैसे-कैसे संगीन अपराधों में लिप्त थे और आज भी अपनी उसी "आपराधिक" परंपरा को जारी रखे हुए हैं। श्रीमती ओझा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को अपने इस शर्मनाक बयान के लिए अविलंब इस कृतज्ञ राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए, जिसके मन में नेहरू, गांधी, सुभाष, पटेल सहित सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिए गहरा सम्मान और आदर भाव है।


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