धान की खड़ी फसल के बीच दूसरे को दिला रहे कब्जा


-नहीं लग पा रहा है राजस्व विभाग के अफसरों पर अंकुश


भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लाख कोशिशों के बाद भी राजस्व विभाग के अफसरों की मनमर्जी कम होने का नाम नहीं ले रही है। राजधानी से लगे हुए रायसेन जिले में अक्सर इस तरह की मनमानी सामने आने लगी है। हालत यह है कि राजस्व विभाग के अफसरों के लिए यह जिला चारागाह बन गया है। ताजा मामला रायसेन जिले के गौहरगंज तहसील का सामने आया है जहां नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए राजस्व निरीक्षक एवं तहसीलदार ने एक निरीह किसान की है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार राजस्व सम्भाग भोपाल के आयुक्त को दिए एक शिकायती आवेदन में रायसेन जिले के घाटखेड़ी थाना ग्राम के तहसील गौहरगंज के निवासी गंगाराम पिता रामकिशन मीणा ने लेख किया है कि उनकी पुस्तैनी जमीन पर बोई धान की खड़ी फसल का कब्जा राजस्व निरीक्षक शुभा मरकाम एवं तहसीलदार संतोष बिठौरिया ने एक राय होकर षड़यंत्रपूर्वक एक पक्षीय सीमांकन करके अरविंद जैन एवं देवेंद्र जैन को दिला दिया। इस मामले में राजस्व अफसरों ने रुपयों के खातिर अपने गिरेबान के साथ विभाग के नियम कायदे भी रसूखदारों के पास गिरवी रख दिये। दरअसल उक्त भूमि के लिए देवेंद्र जैन एवं अरविंद जैन ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचते हुए 3 जुलाई 20 को इस आशय का एक आवेदन दिया कि गंगाराम का उपरोक्त भूमि पर अनाधिकृत कब्जा है और उस जगह उन्हें कब्जा दिलाया जाए । 


अरविंद जैन के आवेदन में तहसीलदार गौहरगंज संतोष विठौरिया ने भू राजस्व संहिता के नियमों का उल्लंघन करते हुए 18 अगस्त 20 को दोनों प्रकरणों में एक पक्षीय कब्जा देने का आदेश पारित कर दिया जो न्याय विरुद्ध है।


40 साल से है गंगाराम का कब्जा : 


राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार उपरोक्त भूमि के खसरा नंबर 5/1/1 रकबा 2.58 एकड़, खसरा क्रमांक 5/1/2 रकबा 2.00 एकड़, खसरा क्रमांक 6,9/1 रकबा 1.043, 0.113 एवं 0.780 हैक्टेयर जमीन पर गंगाराम का कब्जा सन 1980 से लगातार चला आ रहा है। गंगाराम द्वारा इस पड़तभूमि को उपजाऊ बनाकर इस पर वर्षों से कास्तकारी की जा रही है। इस वर्ष गंगाराम ने खरीफ की फसल धान संपूर्ण कृषि भूमि पर लगाई है। इस संबंध में गंगाराम ने तहसीलदार गौहरगंज को 1 सितंबर 20 एवं पुलिस अधीक्षक रायसेन को 31 अगस्त 20 को लिखित शिकायत की थी, इसके बाद भी उसकी सुनवाई नहीं की गई।  


पटवारी ने दवाब बनाकर लिखाई फर्जी टीप :


इस मामले में हल्का पटवारी नंबर 36 की भूमिका भी संदिग्ध है। उसने चौकीदार पर दवाब देकर इस आशय की फर्जी टीप लिखा ली कि आवेदक गंगाराम ने नोटिस लेने से इंकार कर दिया है। जबकि वास्तविकता यह है कि ग्राम चौकीदार द्वारा 14 अगस्त 20 को एक शपथ पत्र देकर कहा गया कि मैंने पटवारी के कहने से उपरोक्त टीप लगाई थी। 


बाढ़ में आरआई ने कैसे करा ली नपती: 


इस मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि क्षेत्र में 29 अगस्त को अति वर्षा होने के कारण तहसील गौहरगंज की सभी भूमि धानिस नदी में बाढ़ आ जाने के कारण डूब गई थी। सवाल यह किन परिस्थितियों में राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी ने बिना नपती के कब्जा सौंपा दिया है।


जैन बन्धुओं बदमाश से करा रहे निगरानी : 


राजस्व अफसरों के साथ जैन बंधुओं की मिलीभगत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है। कि उन्होंने भोपाल के बदमाश बाबू खान को अस्थाई रूप से एक टपरा बनवा कर बदमाशों को वहां बैठा दिया है।


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