अहिल्याबाई के साथ देखिए भारतीय इतिहास का एक प्रेरणादायक अध्याय



एक ससुर जिसने साथ निभाया और एक पुत्र वधू जिसने इतिहास बनाया, सोमवार से शुक्रवार शाम 7:30 बजे

भोपाल  । दर्शकों को अपने-से लगने वाले कार्यक्रम और बेमिसाल ऐतिहासिक शोज़ दिखाने का सिलसिला जारी रखते हुए सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन अपनी नई प्रस्तुति पुण्यश्लोक अहिल्याबाई के जरिए भारतीय इतिहास के एक गौरवशाली अध्याय के साथ 2021 का भव्य स्वागत करने जा रहा है। यह शो ऑडियो-विजुअल में जितना भव्य है, उतनी ही प्रेरणादायक, वास्तविक और रोचक अहिल्याबाई होलकर की कहानी है, जो भारतीय टेलीविजन पर पहली बार दिखाई जा रही है। दशमी क्रिएशंस के निर्माण में बने पुण्यश्लोक अहिल्याबाई का प्रीमियर शुरू हुआ और इसका प्रसारण हर सोमवार से शुक्रवार, शाम 7:30 बजे, सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर किया जाएगा। 18वीं सदी पर आधारित यह पीरियड ड्रामा एक ऐसी महिला की कहानी है, जो अपने समय से आगे की सोच रखती थीं और जिन्हें अपने ससुर का अटूट समर्थन मिला था। ऐसे समय पर जब समाज के दकियानूसी रिवाज और पुरुषवादी सोच जिंदगी पर हावी हुआ करते थे, और शिक्षा को महिलाओं के लिए वर्जित माना जाता था और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा जाता था, तब अहिल्याबाई एक ऐसी दुर्लभ मिसाल साबित हुईं, जो जन्म या लिंग से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से महान बनीं। चौंढी में जन्मीं अहिल्याबाई को पेशवा के सुभेदार और मालवा के शासक मल्हार राव होलकर ने अपने पुत्र खंडेराव की बालिका वधू के रूप में चुना था। अहिल्याबाई के समानतावादी दृष्टिकोण, अनोखी सोच और जिज्ञासु व्यक्तित्व से प्रभावित होकर मल्हार राव ने जब उनमें ज्ञान पाने की लालसा देखी, तो उसे पूरा करने के लिए समाज के नियमों को बदला और अनजाने में उन्हें अपना सच्चा वारिस बनाने के लिए तैयार किया। इस कहानी के साथ-साथ पुण्यश्लोक अहिल्याबाई एक पुत्र वधू और एक ससुर के इस अनोखे रिश्ते को भी दिखाएगा, जिनके समर्थन के बिना अहिल्याबाई की जिंदगी की दिशा ही अलग होती।

इस शो में जानी-मानी चाइल्ड एक्ट्रेस अदिति जलतारे अहिल्याबाई का रोल निभा रही हैं, वही राजेश श्रृंगारपुरे, अहिल्याबाई के ससुर मल्हार राव होलकर के रोल में हैं। क्रिश चौहान अहिल्याबाई के पति खंडेराव होलकर की भूमिका निभा रहे हैं, वहीं स्नेहलता वसईकर अहिल्याबाई की सास गौतमाबाई के किरदार में नजर आएंगी। कुल मिलाकर अहिल्याबाई होलकर ने ना सिर्फ इतिहास में, बल्कि लोगों के दिलों में भी जगह बनाई। उनके नेक कार्य और उनकी जिंदगी की कहानी इस बात का सटीक उदाहरण है कि सच्ची लगन, पक्के इरादों और सही मार्गदर्शन से जीवन में कितना कुछ हासिल किया जा सकता है।

टिप्पणियां :

आशीष गोलवलकर, हेड - प्रोग्रामिंग, सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन एवं डिजिटल बिजनेस

जहां हम नए साल में प्रवेश कर रहे हैं, वहीं हमें इतिहास का एक ऐसा अध्याय प्रस्तुत करते हुए खुशी हो रही है, जो ना सिर्फ प्रेरणादायक है बल्कि कई मायनों में हमें सशक्त भी बनाता है। मातोश्री अहिल्याबाई होलकर की जीवनगाथा हमारी इस पेशकश को विशेष बनाती है। वे अपने दौर से आगे की महिला थीं और अपने अभियान में पूरे साहस के साथ जुटी रहीं। आज सदियों बाद भी अनेक मंदिरों, धर्मशालाओं और उन तमाम सामाजिक कार्यों के रूप में उनकी विरासत जीवित है, जिसके लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया था। वे एक दूरदर्शी थीं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा साबित हुईं। हम पुण्यश्लोक अहिल्याबाई जैसे महाधारावाहिक के लिए दशमी क्रिएशंस के साथ एक बार फिर जुड़कर काफी खुशी महसूस कर रहे हैं। हमें अब तक दर्शकों का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला और हमें उम्मीद है कि उन्हें यह शो देखने में मजा आएगा। यह उतना ही विश्वसनीय है, जितना अपनी गौरवशाली कहानी जैसा भव्य है।

नितिन वैद्य, प्रोड्यूसर - दशमी क्रिएशंस

मेरे साईं के जरिए सोनी टीवी के साथ एक सफल साझेदारी के बाद हमें खुशी है कि हमें टेलीविजन पर भारतीय इतिहास की सबसे बेहतरीन महिला शासकों में से एक की कहानी दिखाने का अवसर मिला है। हम विशेष तौर पर अहिल्याबाई और उनके ससुर मल्हार राव होलकर के रिश्तों को दिखाना चाहते हैं, जिन्होंने अहिल्याबाई की सच्ची क्षमता को पहचाना। यह कुछ ऐसा था जो बेहद प्रेरणादायक और अपने वक्त से आगे का था। 18वीं सदी का माहौल जगाने के लिए सारी टीम ने अपना दिल लगा दिया और इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है।

शिरीष लाटकर, लेखक

पुण्यश्लोक अहिल्याबाई की खासियत यह है कि महाराष्ट्र के गांव की एक साधारण लड़की अपने ससुर के सहयोग से भारत की सबसे बेहतरीन महिला शासकों में से एक बनी। यह शो उनके जीवन के इसी अध्याय को बड़ी खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। इस शो की कहानी पर कई महीनों तक बहुत रिसर्च की गई। दर्शकों को उस क्षेत्र का एहसास कराने के लिए इसके संवाद भी वास्तविक रखे गए हैं, जिस पर यह कहानी आधारित है। इसमें लोगों को आकर्षित करने की क्षमता है।

अदिति जलतारे, अहिल्याबाई होलकर के किरदार में

पर्दे पर अहिल्याबाई होलकर जैसा किरदार निभाना बड़ा प्रेरणादायक अनुभव है। मुझे हर दिन कुछ नया सीखने को मिल रहा है। अहिल्याबाई की यात्रा अपने आप में प्रेरक है। इस किरदार ने मुझमें यह विश्वास जगाया कि साहस और दृढ़ निश्चय के साथ-साथ एक सही दिशा आपके भविष्य को एक सटीक आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। निजी तौर पर, एक दिन मैं भी उनकी तरह बनना चाहती हूं।

राजेश श्रृंगारपुरे, मल्हार राव होलकर के किरदार में

ऐसे समय पर जब टेलीविजन पर शायद ही ऐसी कोई कहानी दिखाई जा रही हो, जिसमें एक बहू और एक ससुर का खास रिश्ता हो, वहीं मुझे खुशी है कि मैं ऐसे ऐतिहासिक शो का हिस्सा हूं जो 18वीं सदी की प्रगतिशील कहानी दिखाने जा रहा है। अहिल्याबाई होलकर की कहानी में बहुत-से दिलचस्प पहलू हैं और उनका सफर प्रेरित करने वाला है। मुझे ऐसी टीम के साथ काम करने की खुशी है, जो प्रोडक्शन और कहानी के हर पहलू पर बारीकी से ध्यान देती है।

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