बीते नौ माह में महिला अपराधों में आई पद्रंह्र प्रतिशत कमी



 भोपाल । प्रदेश में विगत करीब 9 माह (अप्रैल 2020 से दिसम्बर 2020) तक की अवधि में विगत वर्ष की इसी समयावधि की तुलना में बालिकाओं एवं महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों में प्रभावी अंकुश लगा है। इस अवधि में बलात्संग के प्रकरणों में 19 प्रतिशत, अपहरण एवं व्यपहरण के प्रकरणों में 23 प्रतिशत, छेड़छाड़/लज्जा भंग के प्रकरणों में 14 प्रतिशत एवं दहेज प्रताडना के प्रकरणों में 10 प्रतिशत, भ्रूण हत्या के प्रकरणों में 20 प्रतिशत, मानव दुर्व्यापार के मामलों में 20 प्रतिशत की कमी रही है। इस प्रकार महिला अपराधों में कुल 15 प्रतिशत की कमी परिलक्षित हुई हैं। दूसरी ओर दहेज हत्या एवं आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण संबंधी अपराधों में इन्हीं 9 माह में आंशिक वृद्धि हुई है। इस श्रेणी के अपराध परिवार के भीतर उत्पन्न परिस्थितियों/विवाद से होते हैं। इनमें हर शिकायत पर त्वारित कार्यवाही पुलिस द्वारा की जा रही है तथा इनकी जांच के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।

इस वर्ष 2019 एवं 2020 के नाबालिग के साथ बलात्संग एवं हत्या के 5 प्रकरणों में जिला नरसिंहपुर में 2 और भोपाल, छिन्दवाड़ा एवं इन्दौर में 1-1 के आरोपियों को मृत्युदण्ड से दण्डित कराने में सफलता प्राप्त की गई है। विगत 6 माह में 64.6 प्रतिशत बलात्संग के प्रकरणों का अनुसंधान दो माह की समयावधि में पूर्ण किया गया है, जनवरी से जून में यह मात्र 44 प्रतिशत था। यह स्थिति मुख्यालय स्तर से लगातार दैनिक अपराधों की समीक्षा का परिणाम है। इसी प्रकार महिला संबंधी विभिन्न अपराधों को चिन्हित की श्रेणी में लाया जाकर उनमें त्वरित अनुसंधान और अभियोजन की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

साथ ही महिला संबंधी अपराधों में जिन प्रकरणों में अपराधी ने अपने वाहन का प्रयोग अपराध कारित करने में किया है उनके नियमानुसार ड्रायविग लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की जा रही है। आदतन यौन अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु पिछले कुछ माह में जिला भोपाल उज्जैन, जबलपुर, छिन्दवाडा, नरसिंहपुर, धार और मुरैना में करीब 23 करोड़ से भी अधिक की अवैध संपत्ति इन अपराधियों के कब्जे से मुक्त करायी गई हैं एवं इनका प्रभुत्व नष्ट किया गया है। यौन संबंधी अपराधों में पीड़िता को संवेदनशीलता के साथ सुनवाई सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से बलात्कार के प्रकरणों में पीड़िता के चिकित्सकीय परीक्षण एवं उनकी सुविधा हेतु अनुसंधान में विवेचकों को 3 दिवस वाहन एवं वीडियो कैमरे किराये पर लेने की अनुमति भी इसी वर्ष प्रदान की गई है। महिला हेल्प लाईन के माध्यम से चर्चा की जाकर उन्हें विधिसम्मत परामर्श भी दिया जाता है साथ ही पीड़ता को न्याय व्यवस्था और अधिक सशक्त किये जाने के उद्देश्य से उन्हें पंजीबद्ध प्रकरणों के चालान की निशुल्क प्रति मय समस्त चालानी दस्तावेजों के उपलब्ध कराने के आदेश भी इस वर्ष पहली बार पारित किया गया है।


Comments

Popular posts from this blog

मंत्री भदौरिया पर भारी अपेक्स बैंक का प्रभारी अधिकारी

"गंगाराम" की जान के दुश्मन बने "रायसेन कलेक्टर"

भोपाल, उज्जैन और इंदौर में फिर बढ़ाया लॉकडाउन