सुदर्शन पटनायक ने एचसीसीबी के 24 साल के सफर को रेत पर उकेरा

 

-एचसीसीबी को भारतीयता के निर्णायक तत्व के साथ निर्माण क्षेत्र के उगते हुए सूरज के रूप में पेश किया गया

बेंगलुरु । पद्मश्री पुरस्कार विजेता सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा में पुरी के समुद्रतट पर एचसीसीबी के भारत में 24 साल के सफर को अपनी दुनिया भर में मशहूर रेत पर कलाकृति बनाने की कला के रूप में पेश किया है। एचससीबी (हिंदुस्तान कोका कोला ब्रेवरेजेस) भारत की शीर्ष एफएमसीजी कंपनियों में से एक है, जिसकी शुरुआत 14 फरवरी 1997 को हुई थी। कंपनी अभिव्यक्ति के साधन के माध्यम से कला के पारंपरिक रूप का उपयोग करते हुए जश्न मना रही है। श्री पटनायक ने रेत पर बनाई कलाकृति में एचसीसीबी का निर्माण क्षेत्र के उगते हुए सूरज के रूप में चित्रण किया। कंपनी के मूल्य रहन-सहन के भारतीय तौर-तरीके और विचारधारा से प्रोत्साहित हैं। रेत की कलाकृति में एचसीसीबी की आधुनिक मशीनों के साथ वहां काम करने वाले प्रतिभाशाली कर्मचारियों को दिखाया गया है। इस कलाकृति में दिल और दिमाग का अद्भुत संतुलन दिखाई देता है। उन्होंने अपनी सैंडआर्ट में फल, फॉर्म, फैक्ट्री और फोर्क लिफ्ट्स से कंपनी की सफलता के मूल तत्वों को उभारकर एचसीसीबी प्रॉडक्ट्स के फार्म से टेबल तक के सफर को बड़ी खूबसूरती से अपनी कलाकृति में कैद किया है। इस कलाकृति में इंजीनियरिंग टूल्स, ट्रक और बॉटलिंग लाइन का चित्रण कर एचसीसीबी के साझीदारों, सप्लायर्स,  किसानों, ट्रांसपोर्टरों, वितरक और रिटेलर्स  के योगदान को दिखाया गया है, जो एचसीसीबी के सफलतापूर्वक संचालन के लिए मिल-जुलकर काम करते हैं। इस सैंडआर्ट के बैकग्राउंड में सूरज की किरणों की गर्माहट के रूप में एचसीसीबी कर्मचारियों की प्रतिभाशाली चमक, आशा, सकारात्मकता और समग्रता को दिखाया गया है। इस पूरी कलाकृति में जोरदार अभिव्यक्ति को बड़ी सफाई से संक्षिप्त अंदाज में “हिंदुस्तान के बने हैं हम” टैगलाइन के साथ पेश किया गया हैं,जिसका मतलब है कि एचसीसीबी भारत में बनी कंपनी है। रेत की यह कलाकृति दोपहर के बाद मेहमानों के आकर्षण का विशेष केंद्र रही। एचसीसीबी के कई कर्मचारी अपने परिजनों के साथ चेहरे पर मास्क लगाकर और पूरी सतर्कता के साथ  यह कलाकृति देखने समुद्रतट पर आए।



एचसीसीबी में चीफ पब्लिक अफेयर्स और कम्युनिकेशन ऑफीसर कमलेश कुमार शर्मा ने श्री पटनायक को धन्यवाद देते हुए कहा, “यह हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है कि सुदर्शन जी ने लगातार दूसरी बार कंपनी की वर्षगांठ पर रेत की शानदार कलाकृति बनाई है। हमने हमेशा उनकी कला की तारीफ की है। वह किसी इवेंट या ऑपरेशन के अलग-अलग पहलुओं को एक ही सिंगल फ्रेम में पेश करने में सक्षम है। इस दिन अपनी सालगिरह मनाने के साथ हमने अगले वर्ष इसी तरह जबर्दस्त अंदाज में कंपनी की सिल्वर जुबली मनाने के लिए एक आधार तय कर दिया है। हम आशा करते हैं कि 2021 मानवता के प्रति काफी दयालु रहेगा और इस वर्ष सभी को सुख समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य और प्रसन्नता का आशीर्वाद मिलेगा।”

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